संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बुधवार को रेल यात्री के साथ आरपीएफ की बर्बरता का मामला सामने आया है। पुरुष यात्री की गलती यह थी कि वह महिला कोच में चढ़ गया था। स्कॉट करने आए आरपीएफ के जवान ने युवक को पहले ट्रेन से उतारा और फिर थाने लाकर उसे पीटा, जिससे उसका हाथ टूट गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिम्मेदारों की जबावदेही तय नहीं की गई।
महाराजा छत्रसाल-दादर सेंट्रल एक्सप्रेस से छतरपुर निवासी अंकित शुक्ला ट्रेन से मुंबई जाने के लिए पहुंचा था। जब ट्रेन आई तो उसके जनरल कोचों में काफी भीड़ थी। ऐसे में वह अपने भाई के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में चढ़ गया। ट्रेन खजुराहो पहुंची तो आरपीएफ के जवान कोच में आए और अंकित को दूसरे कोचों में जाने के लिए कहा। इस पर उनका विवाद हो गया। इसके बाद आरपीएफ के जवान ने अंकित को पकड़ा और आरपीएफ थाने ले आया और पिटाई कर दी। इससे उसका हाथ टूट गया।
अंकित का आरोप है कि आरपीएफ के जवान ने उसे डंडों से पीटा, जिससे उसका हाथ टूटने के साथ ही नाक व शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट आई हैं। यहां आरपीएफ झांसी के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने सिपाही को निलंबित कर मामले की जांच अन्य स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी सौंप दी है।
यात्री ने कहा, दबाव बनाकर गलत मेडिकल कराने चाहते थे जवान
यात्री अंकित का आरोप है कि जब उसे मेडिकल के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया तो, ले जाने वाले जवानों ने उस पर इस बात का दबाव बनाया कि वह डॉक्टर से कहे कि गिरने से चोट आई है। उसने डॉक्टर से दबाव में यह कहा तो डॉक्टर ने उसके कपड़े उतरवा कर परीक्षण किया। वहीं, डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि युवक के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे, जिसके बाद उसे छतरपुर रेफर कर दिया गया।
यात्री पर दर्ज किया रेलवे एक्ट में मुकदमा
आरपीएफ पोस्ट खजुराहो में यात्री अंकित के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, यात्री को थाने से ही छोड़ दिया गया है। अब आरपीएफ जवान के विरुद्ध की जा रही जांच ग्वालियर में 13 सितंबर को की जाएगी। इसमें उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
वर्जन
यात्री से आरपीएफ के जवान के विवाद का मामला सामने आया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जवान को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले की विभागीय जांच भी कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। – मोहम्मद असलम, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, झांसी