संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शनिवार को कानपुर-झांसी रेलमार्ग पर हादसे का शिकार हुई साबरमती एक्सप्रेस की घटना के बाद रविवार को दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस बदले रास्ते से साढ़े आठ घंटे की देरी से झांसी पहुंची। ऐसे में यात्री पानी को भी तरस गए। जैसे ही ट्रेन झांसी पहुंची तो यात्री पानी के लिए प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं, वेंडरों ने भी यात्रियों की मजबूरी का लाभ उठाते हुए कीमत से अधिक पैसा वसूला।
साबरमती का पहले तो मार्ग परिवर्तन किया गया फिर स्टेशनों पर खानपान का माकूल इंतजाम न होने से यात्री रेलवे पर जमकर बरसे। यात्रियों का कहना था कि उनकी ट्रेन को डायवर्ट कर चलाया जा रहा है। ट्रेन जिस भी स्टेशन पर थमी तो वहां न खाने का प्रबंध था और न ही पीने का पानी मिला। लोग छह घंटे के सफर में प्यासे ही रहे। ट्रेन कितनी देर रुकेगी, यह भी नहीं बताया गया था। ट्रेन छूट जाने के डर में किसी ने भी ट्रेन से उतरने की हिम्मत नहीं दिखाई। ट्रेन में रसाेईयान का भी अता-पता नहीं था। झांसी आते-आते ट्रेन 8.30 मिनट लेट हो गई।
