Sadhu sold bed sheet, beggar and shepherd also donated for establishment of BHU

महामना की एक अपील पर बरस गया था धन
– फोटो : अमर उजाला

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बीएचयू की स्थापना के लिए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने धन जुटाने के लिए आम जनता से अपील की। 15 जुलाई 1911 को जारी अपील में महामना ने एक लाख रुपये से लेकर 10 रुपये तक के लिए चंदा देने का प्रस्ताव रखा। 

इस अपील का असर यह हुआ कि बड़े दानदाताओं ने तो दान दिया ही, भिखारियों और साधु संन्यासियों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार इस दान बाती आहुति दी। इसमें एक साधु ने लोगों से मिले चादर को 500 रुपये में बेचकर दान दिया। इसके अलावा भिखारी और 80 साल की महिला ने एक रुपये और चरवाहा ने आठ आना दान में दिया।

विश्वविद्यालय की स्थापना चार फरवरी 1916 को हुई। इससे पहले एक अक्तूबर 1915 को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी विधेयक पारित हुआ। महामना ने स्थापना के पांच साल पहले विश्वविद्यालय के लिए एक करोड़ रुपये के चंदे की अपील की। इससे हिंदू विश्वविद्यालय नाम से सोसाइटी के गठन सहित अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी थी। 

इसमें महामना की एक खास अपील ये थी कि चंदा कम हो या अधिक, सभी राशियां स्वीकार की जाएंगी और इसका रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के कोष में प्रथम दाताओं के रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद से राजा, महाराजा, डॉक्टर, शिक्षक, पुरोहित, सेठ ने बीएचयू के लिए सहयोग दिया ही छात्रों ने भी अपना अमूल्य योगदान किया। यही नहीं भिखारी से लेकर साधु, सामान्य लोगों ने भी एक आने तक की राशि दान में दी।

 



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