
काम करते मनरेगा मजदूर। (सांकेतिक)
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में दो पंचायत सचिवों के कार्यों में लापरवाही उजागर होने पर वेतन रोका गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर एक सप्ताह में कार्य पूरे नहीं किए जाते हैं तो निलंबन भी संभव है। इसको लेकर सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है। शिथिलता बरतने वालों में सक्रियता लाने का काम किया गया है। दोनों सचिव अलीगंज ब्लॉक में तैनात हैं।
जिले में विकास कार्यों को समय से पूर्ण कराने पर सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है। इससे पात्रों को योजनाओं का लाभ मिल सके। लेकिन कुछ पंचायत सचिवों की लापरवाही व उदासीनता के चलते तमाम कार्य लंबित पड़े हैं। ऐसे लापरवाह सचिवों को पूर्व में चेतावनी भी दी जा चुकी है।
इसके बाद भी कार्य पूर्ण नहीं किए गए। इसको लेकर जिला पंचायती राज विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। ब्लॉक अलीगंज की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत सचिव धीरेंद्र सिंह व एक अन्य पर कार्रवाई कर वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई है।
डीपीआरओ कृष्ण कुमार सिंह चौहान ने बताया कि विकास कार्यों की समीक्षा पिछले दिनों की गई थी। इसमें दो सचिवों की कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद चेतावनी भी दी गई, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर दोनों का वेतन रोका गया और एक सप्ताह में कार्य पूर्ण कर स्पष्टीकरण देने का समय दिया है। अगर समय रहते कार्य पूर्ण नहीं किए जाते हैं तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
