असमोली थाना क्षेत्र के गांव शफातनगर में मोहम्मद उमर के दो वर्षीय बेटे मोहम्मद जान को सोमवार की सुबह करीब 10 बजे बंदरों के झुंड ने बिस्किट नहीं देने पर छत से धक्का दे दिया। आवाज सुनकर परिजन दौड़े और लहूलुहान मासूम को निजी अस्पताल ले गए।
डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिजन बिलख रहे हैं। मोहम्मद उमर का मोहम्मद जान इकलौता बेटा था। मां का रो रोकर बुरा हाल है। गांव शफातनगर गांव निवासी मोहम्मद उमर ने बताया कि बेटी और बेटे में मोहम्मद जान छोटा था।
बड़े भाई अनीस के कोई संतान न होने पर मोहम्मद जान को गोद ले लिया था। सोमवार की सुबह घर की पहली मंजिल के बरामदे में अनीस की पत्नी भूरी चाय बना रही थी। इसी दौरान उनका बेटा बिस्किट लेकर कमरे से बाहर आ गया। तभी बंदरों का झुंड बिस्किट देखकर मासूम पर टूट पड़ा।
बिस्किट हाथ से न छोड़ने पर बंदरों ने मासूम को छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। आवाज सुनकर दौड़े तो बेटा आंगन में खून से लथपथ पड़ा था। उपचार के लिए असमोली के निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बिना कार्रवाई के शाम को मासूम का शव सुपुर्द ए खाक कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। जिम्मेदार बंदरों से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। बंदर आए दिन किसी न किसी को काट लेते हैं।
