Sambhal: DPRO earned illegal income from corruption, department employee himself made allegations

संभल में डीपीआरओ पर लगे आरोप
– फोटो : istock

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जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय पर कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक पुनीत भदौरिया ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पंचायत निदेशक से शिकायत की है। पंचायत निदेशक ने मुरादाबाद मंडलीय उपनिदेशक (पंचायत) को जांच के आदेश किए हैं। 

कनिष्ठ सहायक ने शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य भी उपलब्ध कराने का दावा किया है। पंचायतीराज निदेशक को शिकायत में कनिष्ठ सहायक ने बताया है कि वर्ष 2009 से 2019 तक का 83 सफाई कर्मियों का एरियर बिना निदेशालय की स्वीकृति के किया गया है।

इसके लिए प्रति कर्मचारी 20 हजार रुपये की वसूली की है। 20 कर्मचारियों का तबादला वार्षिक तबादला नीति खत्म होने के बाद किया गया। इसके लिए प्रति कर्मचारी 50 हजार रुपये वसूले गए हैं।

54 सफाई कर्मियों का तबादला भी वार्षिक तबादला नीति खत्म होने के बाद किया गया। इसमें भी 20 हजार रुपये प्रति कर्मचारी वसूली हुई है।  बताया है कि बनियाठेर ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवरखेड़ा में तैनात सफाई कर्मचारी जयकुमार को चार सितंबर 2023 को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक लाख रुपये की मांग की थी।

जब रुपये देने से मना किया तो उसी दिन कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। जबकि कारण बताओ नोटिस जारी होने पर तीन दिन का समय दिया जाता है। आरोप है कि कई कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका फाड़ कर दूसरी जारी कर दी गईं।

इसके लिए भी वसूली की गई। इसी तरह के कनिष्ठ सहायक ने कई और आरोप लगाए हैं। साथ ही साक्ष्य भी होने का दावा किया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पंचायतीराज निदेशक ने मुरादाबाद मंडलीय उपनिदेशक (पंचायत) महेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए हैं।

कनिष्ठ सहायक दूसरे पटल की जिम्मेदारी चाहते थे, लेकिन उन्हें उस पटल की जिम्मेदारी नहीं दी गई। जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाकर शिकायत की है। जांच शुरू हो गई है, हम अपना जबाव भी दाखिल कर देंगे। -उपेंद्र कुमार पांडेय, डीपीआरओ, संभल



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