जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के दौरान आयोग ने लगभग 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में बवाल की साजिश रचने से लेकर बवाल के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है। उधर, हिंसा भड़काने के आरोप में 2750 से अधिक लोगों के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे।


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संभल में हिंसा
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पुलिस ने 96 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी शामिल हैं। इन गिरफ्तार आरोपियों में 18 की जमानत हो चुकी है। 12 की रिहाई भी हो गई है। इसमें सभी को जमानत हाईकोर्ट से मिली है। यह बवाल जामा मस्जिद के अलावा हिंदूपुरा खेड़ा और नखासा तिराहे पर हुआ था। जामा मस्जिद के नजदीक पांच लोगों की जान गई थी। इनमें चार लोगों की हत्या में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें शारिक साटा गिरोह की भूमिका सामने आई थी।

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संभल में हिंसा
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बवाल में आरोपी सांसद केस की सुनवाई नौ को हाईकोर्ट में
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर बवाल की साजिश रचने और भीड़ एकत्र करने का आरोप है। एसआईटी ने पूछताछ भी की है। सांसद हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। जांच में सहयोग करने के लिए हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे। अब सांसद व जामा मस्जिद कमेटी के सदर समेत 23 के खिलाफ एसआईटी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सांसद के मामले में नौ सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

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संभल में हिंसा के बाद हालात
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रिपोर्ट में बवाल से लेकर पलायन तक का जिक्र
जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के दौरान आयोग ने लगभग 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में बवाल की साजिश रचने से लेकर बवाल के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है। आजादी के बाद जो दंगे और बवाल हुए उनका भी उल्लेख है।

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संभल हिंसा की जांच
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सांसद और जामा मस्जिद कमेटी के सदर बवाल की साजिश के आरोप में पहले से घिरे हैं। सूत्रों का कहना है कि न्यायिक जांच आयोग ने इसका भी उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया है। 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को शासन की ओर से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता में इसका गठन किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस एके जैन और आईएएस अमित प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल किए गए।