Savan 2024 will have five monday this time.

– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


भगवान भोलेनाथ को समर्पित श्रावण मास की शुरुआत हो गई है। खास बात ये है कि सोमवार से ही सावन की शुरुआत हो रही है और समापन 19 अगस्त सोमवार को ही होगा। इस साल शिव भक्तों को सावन के पांच सोमवार व नौ विशेष योग का पुण्य मिलेगा।

वैदिक ज्योतिष शोध परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय डॉ. आदित्य पांडेय, ज्योतिषाचार्य पंडित धीरेंद्र पांडेय व ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल का कहना है कि शिव महापुराण के अनुसार, श्रावण मास का हर दिन भगवान शिव के पूजन के लिए शुभ है। सामान्यत: रुद्राभिषेक करने के लिए शिववास देखने की आवश्यकता होती है, लेकिन श्रावण मास में ये बंधन लागू नहीं होता है। इस महीने के किसी भी दिन और किसी भी समय बिना तिथि व मुहूर्त रुद्राभिषेक कर सकते हैं। सोमवार से शुरुआत होने पर श्रावण मास की महिमा और बढ़ जाती है।

ये भी पढ़ें – राज्यपाल हुईं नाराज… अव्यवस्था पर अफसरों की लगा दी क्लास, बोलीं- पौधरोपण को आपने गंभीरता से नहीं लिया

ये भी पढ़ें – राजा भैया की पत्नी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, कंपनी के पूर्व निदेशक ने दर्ज कराया मुकदमा

पूरे महीने मिलेंगे शुभ योग

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, श्रावण के प्रथम सोमवार को ही प्रीति योग, आयुष्मान योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। श्रावण मास के दौरान कुबेर योग, शश योग, गज केसरी योग, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग एवं नवम पंचम योग अलग-अलग समय में बनेंगे और अपना शुभ प्रभाव छोड़ेंगे।

विपरीत ग्रह भी करते हैं शिव अराधना, दुष्प्रभाव नहीं देते

डॉ. आदित्य पांडेय के मुताबिक, इन दिनों शनि वक्री चल रहे हैं। देव गुरु बृहस्पति अपने परम शत्रु दैत्य गुरु शुक्राचार्य के साथ हैं। वहीं, जल्द ही बुध भी सिंहस्थ हो जाएंगे। इसे देखें तो वर्तमान में ग्रहों की परिस्थिति वैसे तो प्रतिकूल है, लेकिन श्रावण मास के दौरान ऐसी मान्यता है कि सभी ग्रह महादेव की पूजा करते हैं, इसलिए दुष्प्रभाव नहीं देते हैं।

मंदिरों में पूरी की जा रही तैयारी

डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर, राजेन्द्र नगर स्थित महाकाल मंदिर, बड़ा शिवाला, कोनेश्वर महादेव मंदिर, कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में रंग-रोगन, साफ-सफाई और दर्शन पूजन को लेकर प्रवेश और निकास की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बुद्धेश्वर महादेव मंदिर पर लगने वाले सावन मेले की तैयारियां भी तेज हो चुकी हैं। झूले आदि लगाए जा रहे हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *