अमेठी सिटी। जिन विद्यालयों के पास यू-डॉयस कोड नहीं हैं। उनके खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग कार्रवाई करेगा। बिना यू-डाॅयस कोड के विद्यालय नहीं चलने पाएंगे।
शिक्षा विभाग की योजनाओं को पारदर्शी बनाने के साथ स्कूलों से जुड़ी सूचनाएं ऑनलाइन रखने के लिए यू-डाॅयस पोर्टल पर पंजीकरण होता है। इसमें बच्चों का विवरण पोर्टल पर अपलोड होता है। इसके बाद एक पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन नंबर) जारी होता है। इस नंबर से बच्चे की पहचान होती है। इसके अतिरिक्त स्कूलों को उपलब्ध सुविधाएं, शिक्षकोंं की संख्या, शैक्षिक योग्यता, बच्चों की प्रोफाइल का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होता है।
प्रत्येक स्कूल के पोर्टल से यू-डॉयस कोड भी अलाॅट होता है। इससे स्कूलों की निगरानी होती है। बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार कई विद्यालय बिना कोड के संचालित हो रहे हैं। जांच में ऐसे मामले पकड़ में भी आते हैं लेकिन कार्रवाई नोटिस व चेतावनी तक ही सिमटी रहती है। ये स्कूल 30 अगस्त तक कोड के लिए आवेदन कर सकते हैं। पुराने मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोड नहीं दिया जाएगा। विशिष्ट पहचान या प्रमाणपत्र वाले नवीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को ही कोड देने की संस्तुति की जाएगी।
विद्यालय के बेसिक प्रोफाइल विवरण में कोई भी बदलाव जैसे श्रेणी, प्रबंधन, कक्षाओं, प्री प्राइमरी और स्ट्रीम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन और विद्यालय बंद कराना हो तो सूचना पोर्टल पर एक्टिव लिंक के माध्यम से देनी होगी।
जिला समन्वयक एमआईएस मनीष मिश्र ने बताया कि 20 अगस्त तक विभाग की तरफ से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। कोड नहीं मिलने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
करें आवेदन नहीं तो होगी कार्रवाई
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि विद्यालय के लिए यू-डाॅयस आवश्यक है। जिले से जुड़े आंकड़े यू-डाॅयस प्लस पोर्टल से ही प्राप्त होते हैं। पोर्टल पर कोड के लिए विकल्प खुल गया है। बिना कोड के विद्यालय संचालित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
