कालपी। सीएचसी में बुधवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने दो मरीजों को रोका। इनकी पर्ची पर बाहर की दवाएं लिखी हुई थी। एसडीएम ने सीएचसी अधीक्षक को चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
सीएचसी में रोजाना तीन से चार सौ तक मरीज आते हैं। यहां पर तैनात डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाइयां लिख रहे हैं। मरीज महंगे दामों में खरीदने के लिए मजबूर हैं। इसी समस्या को अमर उजाला में 10 सितंबर के अंक में प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर बुधवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह एवं नायब तहसीलदार चंद्र मोहन शुक्ला के साथ सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने सबसे पहले स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया। यहां पर कुछ दवाइयां उपलब्ध नहीं मिलीं।
उन्होंने मरीज से बाहर की दवा के बारे में पूछा। कुछ मरीजों ने बताया कि डॉक्टर ज्यादातर बाहर की दवाएं ही लिखते हैं। एसडीएम ने दो मरीजों को बाहर की दवा लिखी पर्ची को देखा और चिकित्सा अधीक्षक दिनेश वर्दिया को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सीएचसी में अगर दोबारा से बाहर की दवा की शिकायत मिलती है तो आप लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने एक्सरे मशीन, लैब, दवा वितरण कक्ष, अस्पताल परिसर में सफाई का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया।
औषधि केंद्र के संचालक को केंद्र का बोर्ड लगाने के लिए निर्देश दिए। औषधि केंद्र के बाहर गंदगी को देखकर ईओ को फोन कर सफाई कराने के निर्देश दिए।
वर्जन
स्वास्थ्य केंद्र का लगातार निरीक्षण किया जाएगा। अगर दोबारा से कमियां पाई जाती हैं। संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, एसडीएम कालपी
