संवाद न्यूज एजेंसी

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झांसी। लगातार हो रहे रेल हादसे और हाल ही में रेल ट्रैक पर मिले सिलेंडर और कंक्रीट के ब्लॉक के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई कि साजिशन ऐसा किया जा रहा है। ऐसे में बड़ी रेल दुर्घटना न हो सके, इसके लिए झांसी मंडल में भी सुरक्षा बल अलर्ट हो गया है। साथ ही आरपीएफ और डिटेक्टिव विंग ने अपने खबरी सक्रिय कर दिए हैं।

झांसी रेल मंडल बीना से लेकर धौलपुर, भीमसेन और मानिकपुर तक फैला हुआ है। पूरे मंडल में रेलवे ने तीन हजार किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई हुई हैं। ऐसे में देश के कई हिस्सों से आईं ट्रेन पलटने की साजिश की खबरों ने मंडल के माथे पर भी बल ला दिया है। नतीजा है कि अब रेल सुरक्षा बल, आरपीएफ की डिटेक्टिव विंग और रेलपथ विभाग तीनों अलर्ट मोड में हैं। पूरे मंडल में दुर्घटना बाहुल और सूनसान क्षेत्र में पड़ने वाले ट्रैक की निगरानी रेलवे ने दोगुनी कर दी है। मंगलवार को आरपीएफ, डिटेक्टिव विंग और पथ संरक्षण विभाग द्वारा रेल ट्रैक का पैदल निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही आरपीएफ ने अपने खबरियों को ट्रैक के आसपास होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए लगा दिया है।

डाॅग स्क्वायड भी एक्टिव

ट्रैक पर किसी भी अप्रिय और आपराधिक घटना को रोकने के लिए आरपीएफ ने डॉग स्क्वायड को भी एक्टिव रखा है। साथ ही आरपीएफ अपने डाटा को भी खंगाल रहा है कि जिसमें उन सेक्शन को चिह्नित किया जा रहा है, जहां अक्सर पत्थर, लोहा जैसी वस्तुएं मिली हैं।

रेलवे के अलावा ट्रैक नहीं जा सकता कोई

रेल ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर स्पष्ट किया है कि रेल ट्रैक रेलवे कर्मचारी और अधिकारियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं है। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

वर्जन

रेल ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे जवान नियमित रूप से पेट्रोलिंग करते हैं, लेकिन अब यह सक्रियता और बढ़ाई गई है। साथ ही स्थानीय पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। – मोहम्मद असलम, सहायक रेल सुरक्षा आयुक्त



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