
घर का काम करते शानू
– फोटो : amar ujala
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माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा बनने के लिए इटावा जिले की एक युवती ने अपना लिंग परिवर्तन करा लिया। इस प्रक्रिया को कराते हुए उसे तीन साल बीत चुके हैं और अभी भी एक बड़ी सर्जरी बाकी है। शहर से लगे सुल्तानपुर गांव की शालिनी ने बताया कि 2019 में उनके इकलौते बड़े भाई की सड़क हादसे में जान चली गई थी।
जवान बेटे की मौत का सदमे से माता-पिता उभर नहीं पा रहे थे। मैं भी भाई की मौत के गम के साथ माता-पिता के दुख को देखकर तिल-तिल तड़प रही थी। इस बीच उसे ऑपरेशन से लिंग परिवर्तन होने की जानकारी मिली। चूंकि शालिनी खुद लड़कों की तरह जीती थी।
ऐसे में उसने माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी बनने के लिए लिंग परिवर्तन कराने का मन बना लिया। इंटरनेट पर सर्जरी से जुड़ी जानकारी करने के बाद शालिनी दिल्ली के एक बड़े अस्पताल के डॉक्टर से मिली। डॉक्टरों की सहमति के बाद उसने परिवार में बात की।
