
शेयर मार्केट
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लगातार नई ऊंचाई बनाने वाले भारतीय शेयर बाजार में हमास-इजराइल युद्ध के बाद लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जिसमें 25 अक्तूबर को रिकार्ड गिरावट से अकेले अलीगढ़ में आठ सौ करोड़ के नुकसान का अनुमान शेयर बाजार में लगाया जा रहा है। जिससे निवेशक बेहद निराश हैं और सलाह देने वाले ट्रेडरों के प्रति उनकी नाराजगी लगातार देखने को मिल रही है। हालांकि ट्रेडर धैर्य की सलाह के अलावा कुछ नहीं दे पा रहे।
इस युद्ध के चलते पिछले कई दिन से बाजार में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मगर पिछले तीन दिन में जिस गति से गिरावट दर्ज की गई है और निफ्टी में जिस तरह से उच्चतम ग्यारह सौ अंक की गिरावट हुई है। उसने सभी को चौंका दिया है। बाजार पर असर के आधार पर ही अपने जिले में पिछले तीन दिन में यानि सोमवार से बुधवार तक निवेशकों के आठ सौ करोड़ रुपये डूबने का अनुमान है। इसे लेकर सलाहकारों का यही कहना है कि इन हालात में धैर्य रखा जाए। क्योंकि जिस तरह से 2008 की आर्थिक मंदी, 2020 में कोरोना, फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बाजार ने बहुत ही तेजी से वापसी की है। इसे लेकर भी सलाहकार धैर्य की सलाह दे रहे हैं।
रिटेल निवेशक चुनिंदा शेयरों में सावधानीपूर्वक खरीदी कर सकते हैं। बाजार में धैर्य के साथ खरीद फरोख्त करना ही उचित है। पुराने इतिहास के आधार पर बाजार सुधरेगा, मगर इसमें कुछ वक्त लग सकता है।-राजीव सिंह, को फाउंडर, केश्री वेल्थ क्यूरेटर
आर्थिक मोर्चों के सकारात्मक होने से बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। वर्तमान माहौल में सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों पर विदेशी निवेशकों का फोकस हो सकता है। इसलिए धैर्य बेहद जरूरी है।-संजय माहेश्वरी, विशेषज्ञ शेयर बाजार
