
लाल बहादुर शास्त्री
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ईमानदारी और सरलता के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कांग्रेसियों में एकता न रख पाने के लिए खुद को ही दोषी मान लिया था। उस समय उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में इतने गहरे मतभेद थे कि वे एक दूसरे की जड़ें खोदने में लगे थे। चौथी लोकसभा के चुनाव नजदीक थे, इसलिए आलाकमान जोखिम नहीं लेना चाहता था। लिहाजा मनमुटाव दूर कराने की जिम्मेदारी शास्त्री को सौंपी थी।
