उरई में गोली लगने से हुई इंस्पेक्टर की मौत के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय सरल और शांत स्वभाव के थे। वे मीनाक्षी को मनाकर-समझाकर मामले को शांत करना चाह रहे थे, लेकिन मीनाक्षी की दबंगई के आगे स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे। दो दिसंबर को मीनाक्षी ने अपना बर्थडे इंस्पेक्टर से दूर जाकर मेरठ में मनाया था।
यह बात इंस्पेक्टर को बुरी लगी थी। पांच दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर पहुंची। वहां दोनों के बीच फिर तीखी बहस हुई। इंस्पेक्टर ने उससे बैठकर बात करने को कहा, लेकिन वो वापस जाने पर अड़ी रही। इसके बाद अचानक गोली चलने की आवाज आई। इसी दौरान मीनाक्षी आवास से भागती हुई और चिल्लाती हुई सीसीटीवी में कैद हुई। पुलिसकर्मियों से कहा कि साहब ने गोली मार ली है, ये कहने के बाद वो फरार हो गई।
