
शूटर आसिफ खान
– फोटो : वीडियो ग्रैब
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माफिया अशरफ के वक्त बरेली जिला जेल में हो रहे खेल जैसे हालात इन दिनों सेंट्रल जेल में हैं। यहां हाई सिक्योरिटी बैरकों के अंदर मोबाइल इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जेल के बंदी यहां स्वर्ग जैसी सुविधाएं होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में बड़े अफसरों की कृपा से ही हत्यारोपी को मोबाइल फोन मिलने से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का खेल होने की आशंका है। फिलहाल तीन वार्डरों पर गाज गिरी। तीनों को निलंबित कर दिया गया, लेकिन निष्पक्ष जांच में अफसरों का लपेटे में आना भी तय है। उधर, जेल के अंदर लाइव वीडियो बनाने वाले शूटर आसिफ को हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया गया है।
शूटर आसिफ खान का वीडियो वायरल होने की जानकारी पुलिस को तीसरे दिन हुई थी। इस पर एसपी सिटी ने जेल में छापेमारी की थी, लेकिन आसिफ का मोबाइल फोन नहीं मिल सका था। वीडियो में आसिफ के पीछे दिख रही सफेद दीवार की जांच की गई तो वह आसिफ की सर्किल को दूसरी सर्किल से जोड़ने वाली दीवार निकली।
इससे स्पष्ट हो गया कि वीडियो इसी सर्किल में ही बना है। चूंकि वीडियो वायरल हुए कई दिन बीत चुके थे और पुलिस को जेल के गेट पर पहुंचने के बाद से बैरक तक जाने में करीब 15 मिनट लगे। ऐसे में माना जा रहा है कि मोबाइल फोन को इसी बीच गायब करा दिया गया। अंदरखाने चर्चा है कि फोन गायब कराने में जेल अधिकारियों की मिलीभगत है।
