लखनऊ। गुरु पुष्य नक्षत्र पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। यह 24 अक्तूबर बृहस्पतिवार को है। खरीदारी का शुभ योग पुष्य नक्षत्र जब बृहस्पतिवार को उदित होता है तो इस संयोग को गुरु पुष्य योग कहते हैं। इसलिए पुष्य नक्षत्र शनि प्रधान है, लेकिन इसकी प्रकृति गुरु जैसी होती है। यह नक्षत्र खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है।

Trending Videos

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस साल गुरु पुष्य योग के दिन ही सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। चंद्रमा अपनी कर्क राशि में रहेंगे, इसलिए इस दिन खरीदारी और पूजा का फल भी बढ़ जाएगा। पुष्य नक्षत्र का आरंभ 24 अक्तूबर, गुरुवार को सुबह 06 :15 बजे होगा और समापन 25 अक्तूबर शुक्रवार को सुबह 06:13 बजे होगा।

उन्होंने बताया कि पुष्य नक्षत्र पर बृहस्पति (गुरु), शनि और चंद्र का विशेष प्रभाव होता है। इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं, जिनका मुख्य तत्व सोना है। शनि के प्रभाव के कारण लोहा भी महत्वपूर्ण है और चंद्र के प्रभाव से चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है।

इस योग में इस नक्षत्र में स्वर्ण, लोहा, वाहन और चांदी की वस्तुओं की खरीदारी की जा सकती है। नया निवेश करना, नए कामों की शुरुआत करना शुभ होगा। प्रॉपर्टी, ज्वैलरी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना सुख समृद्धि दायक होगा। इस संयोग को गुरु पुष्य नक्षत्र योग, गुरु पुष्य अमृत योग के नाम से जाना जाता है। पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *