
Shramjeevi Blast Case
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28 जुलाई 2005 की शाम 5.15 बजे पटना से दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में सिंगरामऊ के हरपालगंज के पास हुआ आतंकी धमाका दिल दहला देने वाला था। इसमें 14 की मौत व 62 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विस्फोट कांड के सात आरोपितों में बांग्लादेशी आतंकवादी आलमगीर उर्फ रोनी, ओबैदुर्रहमान को पूर्व में मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई जा चुकी है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय ने बुधवार को बांग्लादेशी आतंकी हिलाल उर्फ हिलालुदीन व बंगाल के नफीकुल विश्वास को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
दोनों की पत्रावली करीब छह साल से अंतिम बहस में चल रही थी। मास्टर माइंड कंचन उर्फ शरीफ को आज तक इंटरपोल खोज नहीं पाई। आरोपित डा.सईद का नाम-पता ही तस्दीक नहीं हो सका। एक अन्य आरोपित याहिया मुठभेड़ में ढेर हो चुका है।
इस तरह लगाया गया था पता
हिलाल व नफीकुल का नाम विस्फोटकांड में बंगाल जेल में बंद आरोपित ओबैदुर्रहमान ने 15 फरवरी 2006 को और बांग्लादेशी जुड़वा भाई अनीसुल व मुहीबुल ने चार अप्रैल 2006 को विवेचक को बताया था। हिलाल व नफीकुल 17 नवंबर 2005 को थाना कालिया चौक मालदा टाउन पुलिस द्वारा हत्या, हत्या के प्रयास के दूसरे मामले में गिरफ्तार किए गए।
