संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 15 Aug 2024 02:52 AM IST

कासगंज। तीर्थनगरी के कांवड़ मेले में अद्भुत नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए कांवड़ भरकर ले जा रहे हैं वहीं माता-पिता व दादा-दादी को श्रवण कुमार बनकर कांवड़ में बैठाकर लोग पुण्य अर्जित कर रहे हैं और मिसाल बन रहे हैं। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा बुधवार को देखने को मिला जब अपने दादा-दादी को उनके पौत्र व परिवार के अन्य लोग कांवड़ में बैठाकर गंगाजल ले जा रहे थे। 110 किलोमीटर की लंबी यात्रा करते हुए पौत्र व परिजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था।जलेसर के समीप मानिकपुर स्टेशन के पास के गांव बुड़ाई के रहने वाले जितेंद्र कुमार एवं नीरज कुमार अपने दादा मुंशीराम व दादी भगवान देवी को कांवड़ यात्रा कराने के लिए कछला गंगाघाट पहुंचे। जहां से मां गंगा की पूजा अर्चना के साथ ही पौत्र और परिजनों ने दादा-दादी की पूजा की और कांवड़ के तराजूनुमा पलड़ों में दादा-दादी को बैठाया और गंगाजल बांधा और कांवड़ यात्रा पर गंतव्य के लिए रवाना हो गए। सुबह के समय कांवड़ लेकर पौत्र व परिजन निकले और 110 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके गंतव्य तक पहुंचेंगे। पौत्र जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके दादा मुंशीराम फालिश मार चुकी है। दादी स्वस्थ हैं। दादा गंगास्नान को नहीं आ सकते थे तो उनकी इच्छा थी कि कंधों पर बैठाकर दादा को गंगास्नान कराएंगे और कांवड़ यात्रा। इसी संकल्प के चलते उन्हीं के आशीर्वाद से यात्रा कर रहे हैं। भगवान भोलेनाथ के मंदिर में गंगाजल से दादा दादी व परिवार के सभी लोगों के साथ मिलकर अभिषेक करेंगे।
