यूपी के श्रावस्ती में कोर्ट ने गुरुवार को हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना इकौना थाना क्षेत्र के इटौंझा गांव की है। गांव निवासी सुनील कुमार (11) की साल 2015 में गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घटना के बाद सुनील के पिता दयाराम की तहरीर गांव निवासी सूरज आर्य, श्रवण कुमार व ननके पर हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बृहस्पतिवार को पुलिस ने सूरज व श्रवण को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश धर दुबे के समक्ष पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सुनील के पिता दयाराम ने बताया कि 10 जनवरी 2015 की शाम उनका बेटा गांव निवासी श्रवण कुमार के घर अलाव ताप रहा था। जहां गांव निवासी सूरज व ननके भी मौजूद थे। उनके भाई बालक राम ने सुनील को अलाव तापते देखा था। खाना खाने के लिए जब वो सुनील को बुलाने के लिए श्रवण के घर गए तो वहां सुनील नहीं मिला।
खोजबीन के दौरान सुनील का शव संदिग्ध हालात में सरसों के खेत में पड़ा मिला। इस पर पिता दयाराम ने श्रवण, ननके व सूरज के खिलाफ थाने पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई। बताते चलें कि आरोपी ननके की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
