उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। शाहगंज नगर के शाहपंजा मोहल्ला निवासी श्यामजी गुप्ता का नाम एक ही दिन में दो बिल्कुल विपरीत वजहों से सुर्खियों में आ गया। सोमवार की सुबह जहां उन्हें पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में सलाखों के पीछे भेज दिया, वहीं शाम होते-होते शासन की सूची में उनका नाम नगर पालिका परिषद के नामित सदस्य के रूप में दर्ज मिला।
श्यामजी गुप्ता पुत्र काशीनाथ के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज थी। इसी मामले में पुलिस ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार किया था। अभी यह खबर ठंडी भी नहीं हुई थी कि देर शाम राज्यपाल की ओर से नगर पालिका परिषद शाहगंज के पांच नामित सदस्यों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई।
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इस सूची में स्याम जी गुप्ता का नाम प्रमुखता से शामिल था। एक तरफ कानूनी शिकंजा और दूसरी तरफ शासन का भरोसा इस विरोधाभास ने स्थानीय राजनीति और आम जनता के बीच चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। लोग सोशल मीडिया और चौराहों पर इस संयोग की चटखारे लेकर चर्चा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जेल जाने के बाद क्या उनकी सदस्यता बरकरार रहती है या शासन इस पर पुनर्विचार करता है।