
आत्महत्या।
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राजधानी लखनऊ के अलीगंज निवासी पूर्व स्टेनो राजेंद्र कुमार जोशी ने राज्य परिवार नियोजन सेवा नवाचार परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) के अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर 11 मई को वीआरएस ले लिया था। जबकि उनका रिटायरमेंट इसी माह था। बार-बार कंपनी की ओर से नोटिस आने पर वह डिप्रेशन में चले गए थे। ये आरोप राजेंद्र के छोटे भाई बृजमोहन जोशी ने सिफ्सा के अधिकारियों पर लगाए हैं। वहीं, रविवार को परिजनों ने देर शाम राजेंद्र के शव का अंतिम संस्कार गुलाला घाट पर कर दिया।
दिल्ली निवासी ब्रजमोहन जोशी केंद्र सरकार में असिस्टेंट इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि बड़े भाई सिफ्सा में स्टेनो थे। नौकरी के दौरान कंपनी के अधिकारियों से कुछ विवाद हो गया था। इसके बाद से उन्होंने, भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। इस कारण उन्होंने वीआरएस ले लिया था।
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बृजमोहन ने बताया कि भाई की नौकरी के दौरान करीब तीन वर्ष पहले कंपनी का कार्यालय हुसैनगंज से चारबाग स्थित एपीसेन रोड पर शिफ्ट हो गया था। शिफ्टिंग के कारण भाई राजेंद्र की रिसीव की गईं 50 में से 30 फाइलें कहीं गायब हो गईं थी।
फिर भी उन्हें ही किया जा रहा था प्रताड़ित
आरोप है कि वीआरएस लेने के बाद भी कंपनी के अधिकारी भाई पर खोई 30 फाइलों को तलाशने का दबाव डालने लगे। इतना ही नहीं उन्हें सात दिन दफ्तर भी बुलाया गया। जबकि खोई हुई फाइलों की रिसीविंग उनके भाई के साथ एक सहकर्मी ने भी की थी। फिर भी प्रताड़ित सिर्फ उन्हें ही किया जा रहा था।
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बताया कि भाई के खिलाफ कमेटी बैठा दी गई। उनके प्रोविडेंट फंड (पीएफ) और ग्रेच्युटी के 80 लाख भी कंपनी ने रोक दिया था। इससे वे डिप्रेशन में चले गए। उनका इलाज केजीएमयू के पूर्व डॉक्टर से चल रहा था। वे खुद भी कई बार भाई के कार्यालय गए थे और पीएफ की रकम देने की बात कही थी। मगर आश्वासन के सिवा कुछ नहीं हुआ।
दो माह में दो बार भेजा नोटिस
सिफ्सा के अधिकारियों ने राजेंद्र को पहला नोटिस छह अक्तूबर को भेजा था। दूसरा नोटिस शनिवार सुबह भेजा गया। नोटिस देखते ही राजेंद्र परेशान हो गए। वे पत्नी निकिता को मंदिर जाने की बात कहकर सैरपुर के छठामील पहुंचे। ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। छोटे भाई ने बताया कि वह कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ थाने में तहरीर देंगे। राजेंद्र के परिवार में पत्नी, बेटी प्राची है, जो अल्मोड़ा में एमबीबीएस कर रही है। बड़े भाई राजेश कनाडा में रहते हैं, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
