मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश संबंधी शिकायतों को निराधार बताया है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम काटने के लिए दिए गए फार्म-7 की वजह से काटे गए नामों की संख्या महज 4336 है। उन्होंने इस संबंध में मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के आरोपों पर विस्तार से आयोग का पक्ष रखा।

रिणवा ने कहा कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला, 84,667 पुरूष और 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। अगर एसआईआर की तिथि 27 अक्तूबर से गिना जाए तो अब तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए। इसमें 76866 महिला, 1.12 लाख पुरुष और तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं।

मसौदा सूची प्रकाशित होने की तिथि 6 जनवरी से 16 फरवरी तक 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है। 16863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किए जाने के लिए आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिए गए आवेदनों की संख्या मात्र 47684 है।

6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23935 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14388, स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानांतरित किए जाने के लिए दिए गए आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किए जाने के लिए दिए गए फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4336 है। इसकी सूचना ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है और जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है।

 



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