प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मैपिंग न होने और तार्किक विसंगतियों को लेकर कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है, जिसमें अब तक कुल 3 करोड़ 23 लाख नोटिस जारी हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 1 करोड़ 58 लाख से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों की ओर से प्राप्त कराए जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराए गए नोटिसों में से अब तक लगभग 90 लाख नोटिसों पर तय अधिकारियों ने सुनवाई पूरी कर ली है। नोटिसों की सुनवाई के लिए कुल 13 हजार 161 अधिकारी नियुक्त है, जिसमें 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), 12 हजार 758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर-2003 से मैपिंग न होने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित जन्मतिथि और जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। तार्किक विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन मतदाताओं को केवल संबंधी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। मतदाता सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं।

चुनाव आयोग अधिकारियों को देगा प्रशिक्षण

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि जून और सितंबर, 2025 में प्रशिक्षण प्राप्त न कर सके जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में मंगलवार को प्रातः 10 बजे से ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण में चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती एवं कौशांबी समेत 6 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और विभिन्न जिलों के 46 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

 



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