अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किसी के जख्म पर चाहत से पट्टी कौन बांधेगा, बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बांधेगा, मशहूर शायर मुनव्वर राना की यह पंक्तियां भाई-बहन के प्रेम को दर्शाती हैं। सड़क हादसे ने बहन से एक भाई को छीन लिया और बहन की राखी बांधने की उम्मीद ने भी भाई के साथ दम तोड़ दिया।
शराब कारोबारी राजकुमार राय ने पिछले साल बेटी शीतल की शादी जयपुर में की थी। शादी के बाद शीतल की यह पहली राखी थी। भाई को राखी बांधने की चाह में शीतल पति के साथ करीब 447 किलोमीटर की दूरी तय करके जयपुर से यहां पहुंची थी, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। जिस लग्जरी कार में सवार होकर बहन और बहनोई यहां आए थे, वही कार हादसे का सबब बन बैठी। परिजनों का कहना है कि ओरछा जाने का प्लान अचानक से बना था। ओरछा घूमने के बाद ऋषि ने करीब 11 बजे फोन करके वापस लौटने की बात भी बताई थी। यही उसकी आखिरी कॉल थी। हादसे के बाद पुलिस ने फोन करके परिजनों को सूचना दी। उनके अस्पताल पहुंचने से पहले ही ऋषि काल के क्रूर हाथों में समा चुका था। सोमवार सुबह पड़ोसी व दर्जनों कारोबारी भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। घर में मां रजनी एवं बहन शीतल का बुरा हाल है।
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होटल मैनेजमेंट कर चुका था ऋषि
परिवार में ऋषि सबसे छोटा होने के नाते सबका लाड़ला था। बड़ा भाई सागर पिता का हाथ बंटाता था, जबकि ऋषि ने हाल में होटल मैंनेजमेंट की पढाई पूरी की थी। फिलवक्त ऋषि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था।
