सीतापुर के पल्हापुर हत्याकांड में अजीत के कबूलनामे के बाद अब तस्वीर एकदम साफ हो चली है। सोमवार को एडीजी जोन लखनऊ अमरेंद्र सिंह सेंगर भी घटनास्थल पहुंचे। दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे एडीजी जोन के साथ आईजी की क्राइम टीम, एसओजी, फोरेंसिक व स्थानीय पुलिस के अफसर रहे। पुलिस टीम ने अजीत को पूरे घर में घुमाया और करीब डेढ़ घंटे तक क्राइम सीन का रिक्रएशन चलता रहा।
इस दौरान पुलिस ने अनुराग, प्रियंका, सावित्री, आस्वी, आर्ना और आद्विक के पुतले बनाकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों से एक बेहद अहम बात पता चली है। जिस समय एडीजी जोन मौके पर पहुंचे। ठीक उसी समय अनुराग का बहनोई अकलेंद्र भी मौके पर पहुंचा।
अकलेंद्र अनुराग की बहन निशा का पति है और वह भी कमलापुर में सरकारी शिक्षक है। क्राइम सीन रिक्रएशन के दौरान पुलिस टीम से उसकी नोंकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस टीम उसे भी अपने साथ ले गई। सूत्रों की मानें तो अनुराग के ताऊ आरपी सिंह को पुलिस ने छोड़ दिया है।
वहीं, आरपी सिंह के बेटे आशुतोष व अमित पुलिस की हिरासत में हैं। इसके साथ दो नौकर भी पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस मंगलवार को मामले का खुलासा कर सकती है।
शनिवार तड़के अनुराग सिंह (45), उसकी पत्नी प्रियंका सिंह (40), तीन मासूम बच्चों और मां की गोली मारने के साथ हथौड़े से कूंचकर हत्या कर दी गई थी। अनुराग के बड़े भाई अजीत ने पहले दिन पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि अनुराग नशे का आदी था। उसने विवाद में पूरे परिवार की हत्या कर खुद को गोली मार ली।
