
यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात ईको कार चालक को झपकी आने से दर्दनाक हादसा हो गया। गांव सराय पहलवान के पास ईको कार किसी वाहन में जा घुसी। इस घटना में पिता और दो पुत्रों के साथ ही परिवार के मुखिया के दो भांजों समेत छह लोगों की मौत हो गई। वहीं पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को जिला अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन को घायलों को उपचार दिलाने के निर्देश दिए हैं।

2 of 6
बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई कार।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मूल रूप से आगरा के थाना बाह के गांव हरलालपुर निवासी धर्मवीर सिंह (55) करीब डेढ़ दशक से परिवार के साथ दिल्ली के समयपुर बादली में रहते थे। वह अपने दो बेटों के साथ दिल्ली में मिठाई की दुकान संचालित करने के साथ ही कैटरिंग का काम करते थे। काम बढ़ा तो धर्मवीर ने मुरैना के थाना महुआ स्थित बड़ापुरा उसहैत गांव निवासी अपने दो भांजों को भी दिल्ली बुला लिया था।

3 of 6
परिवार के लोग
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार की रात धर्मवीर अपनी पत्नी सोनी, बेटे आर्यन, रोहित, बेटी पायल और दो भांजे पारस उर्फ पार्थ व दलवीर और उसके दोस्त अमेठी के थाना मोहनगंज स्थित पुरेजबर बेस निवासी दुष्यंत के दिल्ली से बटेश्वर के लिए निकले थे। रविवार से उन्हें बटेश्वर में अखंड रामायण पाठ करने के साथ ही सोमवार को समापन पर भंडारे का आयोजन करना था।

4 of 6
धर्मवीर का फाइल फोटो और परिवार के लोग
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार की रात करीब साढ़े तीन बजे जैसे ही ईको कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव थाना क्षेत्र के गांव सराय सलवाहन (माइल स्टोन 140) के पास पहुंची, तभी कार चला रहे रोहित को झपकी आ गई। इसके चलते कार आगे किसी वाहन में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुर्घटना में धर्मवीर (55), रोहित (20), आर्यन (16), पारस उर्फ पार्थ (22), दलवीर (26) और दुष्यंत (22) की मौके पर ही मौत हो गई।

5 of 6
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं सोनी और पायल गंभीर रूप से घायल हो गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी कार में ही फंसे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे लोगों को गैस कटर से क्षतिग्रस्त हिस्से को कटवाकर बाहर निकाला।