{“_id”:”66c0f56caf5d3bc1cf04c2b4″,”slug”:”six-trains-canceled-routes-of-many-diverted-passengers-troubled-orai-news-c-224-1-ka11004-118590-2024-08-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: छह ट्रेनें निरस्त, कई के रूट डायवर्ट, परेशान हुए यात्री”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। बनारस से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस के भीमसेन गोविंदपुरी स्टेशन के बीच के बेपटरी होने के कारण झांसी कानपुर रेलखंड पर यातायात प्रभावित हो गया। इस मार्ग से गुजरने वाली झांसी से लखनऊ जाने वाली अप व डाउन पैसेंजर, झांसी से लखनऊ जाने वाली अप व डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस, झांसी कानपुर व कानपुर झांसी मेमू समेत छह पैसेंजर ट्रेनों को रद कर दिया गया।
झांसी कानपुर रेलमार्ग से रोजाना अप व डाउन में 34 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। शनिवार की तड़के गोविंदपुरी स्टेशन के पास साबरमती ट्रेन के बेपटरी होने के बाद कानपुर से झांसी जाने वाली रेलवे ट्रैक पूरी तरह ठप हो गया। इसके चलते दोनों ट्रैकों का आवागमन प्रभावित हुआ।
छह ट्रेनें रद्द हुईं तो ग्वालियर से बरौनी और बरौनी से ग्वालियर जाने वाली छपरा मेल, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस, मुंबई से गोरखपुर जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस, यशवंतपुर से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस, पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस को ग्वालियर, भिंड इटावा के रास्ते डायवर्ट किया गया। गोरखपुर से महबूबनगर जाने वाली ट्रेन का मार्ग परिवर्तित किया गया है। जिससे मार्ग परिवर्तित होने के कारण यात्रियों को खासी मुसीबत हुई।
यात्री स्टेशन पर पहुंचकर अपनी ट्रेनों के आवागमन को लेकर जानकारी प्राप्त करते नजर आए। यात्रियों की भीड़ देखकर रेलवे प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए। आरपीएफ ने हेल्प डेस्क बनाकर एक कर्मचारी की तैनाती कर दी।
20 आरक्षित टिकट रद हुए
रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें निरस्त होने के बाद कई यात्री टिकट रद कराने काउंटर पर पहुंचे। सबसे ज्यादा आठ टिकट इंटरसिटी एक्सप्रेस के रद किए गए। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल के चार टिकट, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन के आठ टिकट कैंसिल हुए।
ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग से हुए रवाना
गोविंदपुरी स्टेशन पर ट्रेन हादसे की सूचना के बाद कई यात्री उरई स्टेशन पर ही उतर गए और वह सड़क के रास्ते गंतव्य की ओर रवाना हुए। कोच्चिवैली से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस से आए करीब 15 यात्री उरई स्टेशन पर ही उतर गए और सड़क के रास्ते अपने गंतव्य हो रवाना हुए। दरअसल राप्तीसागर एक्सप्रेस को तीन घंटे के लिए उरई स्टेशन पर ही रोक दिया गया था।
मेमू को उरई तक संचालित करने की मांग
ट्रेन के बेपटरी होने के बाद परेशान यात्रियों का कहना था कि झांसी से कानपुर जाने वाली मेमू को उरई तक संचालित किया जा सकता था। इससे यात्रियों को राहत मिल जाती। कई बार रेल प्रशासन ऐसा कर चुका है। त्योहार पर यात्रियों को राहत मिल जाती, क्योंकि यात्रियों को बस से ज्यादा किराया देना पड़ता है।
एप नहीं हुआ अपडेट, स्टेशन पहुंच गए यात्री
ट्रेन के बेपटरी होने की सूचना रेलवे के मोबाइल एप पर अपडेट नहीं हुई। इसका असर यह हुआ कि कई यात्री को ट्रेनों की लोकेशन मिल रही थी और वह निर्धारित समय पर स्टेशन भी पहुंच गए लेकिन यहां पहुंचने पर उन्हें हादसे और ट्रेन के निरस्त और डायवर्ट होने की जानकारी मिली। सुबह के वक्त स्टेशन पर भीड़ बढ़ते देखकर जीआरपी जवानों ने कई यात्रियों को बाहर निकाला।
मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में था रिजर्वेशन, लौटे यात्री
उरई निवासी मनीष पांडेय, आशीष मिश्रा, दीपक पांडेय, जयनेंद्र द्विवेदी आदि का मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में रिजर्वेशन था। वह सुबह स्टेशन भी पहुंच गए। पता चला कि आज उनकी ट्रेन नहीं आएगी। इस पर सभी मायूस होकर लौट गए। बोेले,उन लोगों को एक धार्मिक कार्यक्रम में भोपाल जाना है। अब झांसी जाकर वह दूसरी ट्रेन पकड़ेंगे।
रूट डायवर्ट होने से हुई परेशानी
रामनगर निवासी अविनाश प्रताप का कहना है कि उन्हें भोपाल जाना था लेकिन ट्रेन के डायवर्ट होने के कारण उनकी ट्रेन नहीं आई है। अब वह कैसे जाएंगे, समझ में नहीं आ रहा है। क्योंकि इस ट्रेन में उनका रिजर्वेशन था।
गोरखपुर निवासी राज गुप्ता का कहना है कि वह काजीपेट से गोरखपुर जा रहे थे। उरई स्टेशन पर ट्रेन तीन घंटे खड़ी रही लेकिन किसी ने नहीं बताया कि ट्रेन कितनी देर से चलेगी। मजबूरी में वह ट्रेन से उतरकर सड़क के रास्ते गंतव्य को रवाना हुए।
