गुणवत्ता जांचने के लिए खुद मेयर करेंगे निरीक्षण, जरूरत पड़ी को कराएंगे तकनीकी जांच भी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 949 करोड़ से कराए गए काम जांच के घेरे में आ गए हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद अब खुद मेयर गुणवत्ता और बजट अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं, इसकी जांच के लिए निरीक्षण करेंगे। मेयर का कहना है कि जरूरत पड़ने पर कार्यों की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। कहीं पर अधिक पैसा खर्च होने की बात उजागर होती है तो जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।
झांसी को स्मार्ट सिटी योजना में सत्र 2016-17 में शामिल किया गया। योजना के तहत 949 करोड़ रुपये बजट मिला। इससे 66 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। शुरुआत में स्मार्ट सिटी द्वारा बजट काफी कम खर्च किया गया। मगर बाद में इसमें तेजी आई। स्मार्ट सिटी के तहत ज्यादातर पैसा शहर के मुख्य इलाकों में ही खर्च हुआ। विकास कार्यों के नाम पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च करने से लेकर गुणवत्ता पर भी लगातार सवाल उठते रहे। लोग कहते रहे कि बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाए अफसरों का ज्यादातर फोकस निर्माण कार्यों पर रहा।
इस तरह की शिकायतें लगातार महापौर के पास भी पहुंच रही थीं। अब मेयर ने खुद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता परखने और बजट अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं, इसका निर्णय लिया है। इसी सप्ताह से वह लक्ष्मीताल के सौंदर्यीकरण से लेकर रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बने मेजर ध्यानचंद और स्पेस म्यूजियम का जायजा लेंगे। जिन कार्यों की शिकायतें उनके पास पहुंच रही हैं, निरीक्षण के दौरान उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं मिली है तो तकनीकी जांच कराएंगे। किसी काम पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च होने की बात सामने आती है तो जांच के लिए शासन को भी पत्र लिखेंगे।
सिर्फ एक परियोजना पूरी होनी बाकी
नगर निगम द्वारा महानगर में 16 करोड़ से चार जोनल कार्यालय बनाए जा रहे हैं। अभी ये कार्यालय बनकर तैयार नहीं हुए हैं। हालांकि, केंद्र सरकार से स्मार्ट सिटी के कामों को पूरा करने के लिए मार्च 2025 तक समय सीमा बढ़ा दी गई है। ऐसे में निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द की काम पूरा हो जाएगा।
ये बड़े कार्य कराए गए
– 192.96 करोड़ से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
– 117.22 करोड़ से 26 एमएलडी का एसटीपी समेत पंपिंग स्टेशन
– 47.65 करोड़ से रानी लक्ष्मीबाई पार्क में स्पेस म्यूजियम
– 47.48 करोड़ से लक्ष्मीताल का सुंदरीकरण
– 27.86 करोड़ से रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मेजर ध्यानचंद म्यूजियम
– 27.56 करोड़ से जीआईसी में स्पोर्ट्स स्टेडियम
– 25 करोड़ से इलाइट चौराहा के पास मल्टीलेवल कार पार्किंग
– 20.84 करोड़ से चार पैथोलॉजी सेंटर का निर्माण
– 20.72 करोड़ से नारायण बाग का सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास
बोले मेयर
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मेयर बिहारी लाल आर्य का कहना है कि स्मार्ट सिटी के तहत कराए गए कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। अब निरीक्षण करके इनकी हकीकत जांची जाएगी। जरूरत पड़ने पर किसी संस्थान से कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। शिकायत मिली है कि लक्ष्मीताल के सुंदरीकरण पर जितना पैसा खर्च हुआ, उतना दिखाई नहीं देता है। चौराहों पर लगी एलईडी की खरीद भी ऊंची कीमतों पर हुई है। गड़बड़ी सामने आई तो स्मार्ट सिटी के कामों की जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
