अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के जरिये 1.72 करोड़ रुपये खर्च कर आठ अलग-अलग जगहों पर स्मार्ट एटीएम बूथ बनाए गए थे। लेकिन, महज एक साल में ही रखरखाव न होने से अधिकांश वाटर बूथ सूख गए। हालत यह है कि कहीं पानी नहीं मिलता तो कहीं एटीएम बूथ को तोड़कर उसका अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया।
झांसी स्मार्ट सिटी मिशन ने पिछले साल इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, सीपरी बाजार, नई बस्ती पुलिस चौकी के पास, सीपरी बाजार, जेल चौराहा, खंडेराव गेट के पास, बस स्टैंड के पास समेत आठ अलग-अलग जगहों पर वाटर एटीएम बूथ बनाए थे। साफ पानी आपूर्ति के लिए संग्रहालय के पास प्यूरीफायर सिस्टम तैयार किया गया। वाटर एटीएम में एक रुपये का सिक्का डालने पर 200 मिली एवं पांच रुपये में पांच लीटर पानी मिलना था। कुछ समय तक इसका फायदा राहगीरों को मिला लेकिन, समय के साथ ये एटीएम शोपीस में बदल गए।
अब हालत यह है कि अधिकांश एटीएम काम के नहीं रह गए। खंडेराव गेट, नई बस्ती पुलिस चौकी के पास, सीपरी बाजार, जेल चौराहे के पास का वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। बस स्टैंड के पास के बूथ में गुमटी वालों ने कब्जा जमा रखा है। इसमें सिक्का डालने का प्वाइंट भी खराब है। इस वजह से अक्सर यह खराब रहता है। सीपरी बाजार एटीएम बूथ खत्म हो गया। हालांकि स्मार्ट सिटी मिशन की फाइलों में रोजाना इन बूथों से पानी की बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज है। वहीं, मिशन डायरेक्टर केबी सिंह का भी कहना है कि सभी बूथों की निगरानी रखी जाती है।
बीकेडी और सीपरी बाजार के तोड़ दिए गए एटीएम बूथ
बीकेडी चौराहे के पास एवं सीपरी बाजार में रघुनाथ मंदिर के पास बने दो वाटर एटीएम बूथ महज एक साल में ही नगर निगम ने तोड़ दिए। बीकेडी के पास लगे वाटर एटीएम बूथ को आइकॉनिक सड़क बनाने के लिए तोड़ दिया गया, जबकि सीपरी बाजार में बने बूथ को पैथालॉजी केंद्र बनाने के लिए तोड़ दिया गया।
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नई बस्ती पुलिस चौकी के पास एटीएम बूथ बनाया गया लेकिन, अधिकांश दिन यह काम नहीं करता। इससे गिने-चुने दिन ही पानी मिलता है। इसकी शिकायत भी कई बार की जा चुकी है।
राहुल त्रिपाठी, नई बस्ती
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खंडेराव गेट और बस स्टैंड के पास बना बूथ कभी काम नहीं करता। इससे राहगीरों को पानी नहीं मिलता। इसे दुरुस्त कराए जाने की आवश्यकता है।
शिवशंकर चौबे, मिशन कंपाउंड
