
एसएन मेडिकल कॉलेज ओपीडी।
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कोलकाता कांड के विरोध में एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर 11वें दिन शाम को हड़ताल खत्म कर कार्य पर लौट गए। शुक्रवार को ओपीडी समेत सभी चिकित्सकीय सेवाएं संचालित रहेंगी। इससे पहले सुबह हड़ताल के चलते मरीजों को भारी परेशानी हुई। एक्सरे, एमआरआई, खून की जांच के लिए भटकते रहे।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में 12 अगस्त को एसएन में भी हड़ताल कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार की शाम 6.30 बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
एसएन रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. साहिल ने बताया कि प्राचार्य को ज्ञापन देकर शाम 7 बजे से सभी जूनियर डॉक्टर चिकित्सकीय कार्य पर लौट आए हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि हड़ताल खत्म हो गई है। शुक्रवार से ओपीडी तय समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। ऑपरेशन समेत अन्य चिकित्सकीय कार्य भी होंगे।
बिना इलाज लौटे मरीज
जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को भी ओपीडी नहीं चलने दी। ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। इसी में रक्त नमूना केंद्र भी है, ऐसे में खून की जांचें भी नहीं हो पाईं। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई के लिए भी मरीज भटकते रहे। वायरल बुखार, पेट रोग, सांस रोग के मरीजों की हालत खराब होने पर इमरजेंसी भी गए, वहां भर्ती की स्थिति न बताकर लौटा दिया।
3 घंटे भटकती रही
नुनिहाई की गिरिजा ने बताया कि भाई को सांस की बीमारी है। हालत खराब होने पर ओपीडी लेकर आई, लेकिन यहां ताला लगा था। इलाज के लिए तीन घंटे तक भटकती रही।
जिला अस्पताल जा रहा हूं
सैंया के राजवीर सिंह ने बताया कि खांसी है और छाती में दर्द हो रहा है। ओपीडी पर ताला लगा था। इलाज और दवा नहीं मिला। मजबूरी में जिला अस्पताल जा रहा हूं।
प्लास्टर के लिए भटकता रहा
बरौली अहीर निवासी नेत्रपाल सिंह ने बताया कि भाई के पैर में फ्रैक्चर है और इसका प्लास्टर लगवाने के लिए आया। ओपीडी बंद होने से इलाज के लिए इंतजार करते रहे।
