इटावा। पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग के दो सदस्य और एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। परीक्षा पास कराने का ठेका लेकर सॉल्वर 1200 किलोमीटर दूरी तय करके आया था। इसके पास से सात प्रवेश पत्र, एक प्रश्न पुस्तिका, दो आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति, आठ ऑनलाइन पेमेंट की स्लिप, 52 हजार रुपये, एक कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया पुलिस भर्ती परीक्षा में रविवार को बढ़पुरा क्षेत्र के शकुंतलम इंटरनेशनल स्कूल के बाहर से सॉल्वर गैंग के दो सदस्य और एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए सॉल्वरों ने हरी कुमार गुप्ता निवासी वार्ड-13, माधौपुर जिला मधुवनी थाना लोकहा बिहार, राजदीप निवासी नगला धीर थाना सिरसागंज जिला फिरोजाबाद और अभ्यर्थी ने अपना नाम लोकेश निवासी परसौआ थाना जसवंतनगर बताया। पूछताछ में राजदीप ने बताया कि वह सॉल्वर गैंग चलाता है। सॉल्वर हरी कुमार गुप्ता को अभ्यर्थी लोकेश की द्वितीय पाली की परीक्षा दिलाने लाया था।
पूरे रुपये नहीं मिलने पर परीक्षा में नहीं बैठा सॉल्वर
सॉल्वर हरी कुमार ने बताया 15 हजार रुपये में उसकी परीक्षा देने की डील हुई थी। उसे सिर्फ 1500 रुपये ही मिले थे। इस वजह से वह परीक्षा में नहीं बैठ रहा था। एसएसपी ने बताया हरी कुमार 2024 पुलिस भर्ती दो जगह परीक्षा दे चुका था। एक परीक्षा के उसे 15 हजार रुपये मिलते हैं।
देश बंधु कोचिंग सेंटर चलाते हैं साल्वर
राजदीप ने बताया कि उसके ममेरे बहनोई राज नरायाण प्रताप यादव उर्फ जूली निवासी चमरौली थाना मक्खनपुर जिला फिरोजाबाद के साथ मिलकर वह काम करता है। राजनरायण, अश्वनी व मनोज निवासी पटना बिहार साथ मिलकर देशबंधु नाम से कोचिंग सेंटर दिल्ली,आगरा और बिहार में चलाते हैं। कोचिंग में पढ़ने वाले होशियार छात्र-छात्राओं को चिन्हित करके उन्हें 15 से 20 हजार रुपये प्रति पेपर के हिसाब से दिए जाते हैं। अभ्यर्थियों से दो से आठ लाख रुपये तक लेते हैं। लोकेश से भी तीन लाख 62 हजार रुपये लिए गये थे। राजदीप ने बताया लोकेश उसका रिश्तेदार है।
फर्जी मार्कशीट भी बनाते हैं साल्वर
एसएसपी ने बताया राजदीप के पास से एक मार्कशीट मिली है। इससे पता चला है कि यह लोग फर्जी मार्कशीट बनाकर उसे बेचने का भी काम करते हैं। इसमें एक फतेहगढ़ के व्यक्ति का नाम सामने आया है। राजदीप के खिलाफ गाजियाबाद व सिरसागंज में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम व धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पूछताछ के आधार पर राज नारायण, पंकज व अश्वनी का नाम प्रकाश में आया है, जोकि देशबंधु नाम से कोचिंग सेंटर चलाते हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।
