Some big challenges in the way of success of Aligarh Master Plan 2031

महायोजना 2031
– फोटो : प्रतीकात्मक प्रारूप

विस्तार


महायोजना 2031 की कामयाबी की राह में कुछ बड़ी चुनौतियां और बाधाएं भी खड़ी हैं। इसे खुद एडीए भी मानता है। महायोजना में इनका उल्लेख भी किया गया है। महायोजना में इनके उल्लेख से यह तो साफ है कि इस पर एडीए के अफसरों की दृष्टि तो है, लेकिन कमी यह है कि इनसे निपटने की कोई ठोस और विस्तृत रणनीति का उल्लेख इसमें नहीं है। जो प्रमुख बाधाएं और चुनौतियां सामने आएंगी उनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं…

औद्योगिक और वायु प्रदूषण

एडीए अपने प्रपत्रों में अलीगढ़ को उद्योग नगरी का दर्जा देता है। उद्योगों के रकबे में भारी वृद्धि से इस पर मुहर भी लगती है कि अलीगढ़ में उद्योगों का विकास न सिर्फ योगी सरकार बल्कि एडीए की प्राथमिकता में भी है। यह सर्व विदित है कि भारी औद्योगिकीकरण अपने साथ वायु और जलप्रदूषण जैसी समस्याएं भी समानांतर ले कर आता है। भविष्य में यह बहुत बड़ी समस्या के रूप में उभर सकता है। इनसे कैसे निपटा जा सकता है, इसके लिए एडीए को ही नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके कोई कारगर रणनीति अपनानी होगी। औद्योगिक कचरे का निस्तारण भी बड़ी चुनौती के रूप में उभर कर सामने आ सकता है।

जलनिकासी की अपर्याप्त व्यवस्था 

चूंकि अलीगढ़ शहर की भौगोलिक स्थिति कटोरे जैसी है। जलभराव यहां की पुरातन और लाइलाज बीमारी है। खुद महायोजना में भी इसका जिक्र किया गया है। जलनिकासी की अपर्याप्त व्यवस्था पर चिंता जताई गई है। खासतौर पर मानसून के दिनों में तो शहर के कई इलाके टापू बन जाते हैं। आवाजाही भी बाधित हो जाती है। इससे निपटने के लिए नगर निगम के साथ मिलकर गंभीर उपाय करने होंगे।

यातायात का समुचित प्रबंध न होना 

महायोजना का दस्तावेज स्वीकार करता है कि शहर में यातायात का प्रबंधन समुचित नहीं हैं। इस पर पुलिस के साथ ही प्रशासन को काफी काम करना होगा। इस दिशा में अभी तक किए गए प्रबंध पर्याप्त नहीं साबित हुए हैं। शहर के बस अड्डे को बाहरी हिस्से में ले जाया गया है लेकिन आंतरिक जाम की समस्या का हल नहीं हुआ है। सार्वजनिक वाहनों की कमी को भी स्वीकार किया गया है। छोटे आकार की ई बसें इस समस्या से निजात दिला सकती हैं। लेकिन अभी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

औद्योगिक नगरी के समक्ष कुछ विशेष बाधाएं

अलीगढ़ के एक औद्योगिक नगरी के तौर पर विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने में कुछ बाधाएं भी हैं। मसलन, ताला और हार्डवेयर उद्योग में तकनीकी कौशल का अभाव। अलीगढ़ के कारोबारियों को ताला और हार्डवेयर उद्योग में प्रमुख चुनौती चीन की है। वहां अत्याधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल से ताले और हार्डवेयर के सामान बन रहे हैं। ये सस्ते भी हैं। दोनों उद्योगों में असंगठित लोग ज्यादा कार्यरत हैं। असंगठित क्षेत्र की ज्यादा हिस्सेदारी होने की वजह से योजनाबद्ध तरीके से काम करने में दुश्वारी पेश आती है। कुशल श्रमिकों का अभाव और रोजगार की तलाश में श्रमिकों का अलीगढ़ से पलायन भी बड़ी समस्या है। इन सबसे निजात पाने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे।



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