
सपा नेता विजय सिंह गोंड
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भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को सजा के बाद दुद्धी सीट रिक्त होते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। उपचुनाव की सुगबुगाहट के बीच सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोमवार को इस सीट से पूर्व राज्य मंत्री व आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सात बार दुद्धी से विधायक और सपा सरकार में मंत्री रह चुके विजय सिंह गोंड के प्रत्याशी घोषित होते ही अन्य दलों में भी दुद्धी सीट को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की अंतिम सीट दुद्धी वर्ष 2017 से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इसे सपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके पीछे बड़ा कारण मजबूत आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड का चेहरा है। विजय सिंह यहां से सात बार विधायक रहे हैं। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में वह राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
वर्ष 2012 में ऐन वक्त पर सीट का आरक्षण बदलने पर विजय सिंह मैदान से बाहर हुए थे, तब उन्होंने निर्दल प्रत्याशी रुबी प्रसाद को समर्थन देकर विधानसभा पहुंचाया था। वर्ष 2017 में जब सीट फिर से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई तो विजय सिंह सपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे। इस चुनाव में मोदी-योगी लहर के प्रचंड लहर के बावजूद विजय सिंह को महज 1050 वोटों के अंतर से शिकस्त खानी पड़ी थी।
तब भाजपा ने यह सीट अपना दल-एस को सौंपी थी और अपना दल-एस के उम्मीदवार हरिराम चेरो विधायक बने थे। वर्ष 2022 में दुद्धी में पहली बार कमल खिलाते हुए रामदुलार गोंड ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की। उन्होंने सपा प्रत्याशी विजय सिंह गोंड को कड़े मुकाबले में 7800 मतों से हराया था।
