अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पद का दुरुपयोग कर दलित उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज कराने के मामले की जांच के लिए एसएसपी ने सीओ सदर की अगुवाई में विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। जांच के दौरान दर्ज कराए गए मुकदमों की भी पड़ताल की जाएगी।
पंचवटी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे ने 11 जून 2024 को दो तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी समेत वर्तमान समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनकी ओर से दर्ज दलित उत्पीड़न के तीन मामलों में आरोप पत्र लगने के बाद मिलने वाली अनुदान राशि उन्हें अदा नहीं की गई। इस पर झांसी, कानपुर नगर और कन्नौज के समाज कल्याण अधिकारियों की ओर से एफआईआर को रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी के पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संतोष कुमार दोहरे के खिलाफ प्रमुख सचिव गृह, झांसी के डीएम और एसएसपी को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर दलित उत्पीड़न के 12 मुकदमे दर्ज कराए और नौ में 21 लाख रुपये अनुदान राशि हासिल की।
हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने मामले की जांच के लिए सीओ सदर की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में एक इंस्पेक्टर व एक सब इंस्पेक्टर को भी शामिल किया गया है। एसएसपी ने बताया कि जांच सभी बिंदुओं पर की जाएगी। अधिवक्ताओं की ओर से दर्ज कराए गए सभी मुकदमों की भी पड़ताल की जाएगी।
