
एसएन में लगी लाइन
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के फार्मासिस्ट सहित 509 तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगने का असर शनिवार को दिखा। स्टाफ के प्रशिक्षण में जाने की सूचना के बाद भी प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका। इससे दवा वितरण का एक ही काउंटर खुल सका। लंबी कतार लगीं। कइयों को बिना दवा लिए मायूस लौटना पड़ा। अन्य सेवाओं पर भी असर पड़ा।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखाने वाले मरीजों के लिए दवा वितरण के तीन काउंटर चलाए जाते हैं। शनिवार को एक काउंटर चलाया गया। महिला व पुरुष की अलग-अलग कतार लगीं, फिर भी काउंटर तक पहुंचने में मरीजों और तीमारदारों कोे एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। बड़ी संख्या में मरीज बिना दवा लौट गए। कइयों की तो कतार में लगने की हिम्मत नहीं हुई। शनिवार को ओपीडी में 2059 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। मेडिसिन विभाग में ही 511 मरीजों ने दिखाया। मरीजों को परामर्श तो मिल गया लेकिन दवा लेना भारी पड़ा।
विरोध के बाद एआरवी लगाया
वहीं जिला अस्पताल में शनिवार को सुबह एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगाई जा रही थी। कमरा बंद था। बड़ी संख्या में मरीज एकत्रित हुए। विरोध किया। इसके बाद इमरजेंसी से वैक्सीन मंगाकर मरीजों को लगाया गया।
इमरजेंसी में भी कार्य प्रभावित रहा
एसएन मेडिकल कॉलेज ही नहीं जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी असर पड़ा। अधिकतर फार्मासिस्ट 6 अप्रैल को चुनाव के प्रशिक्षण में शामिल हुए। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. रवींद्र सिंह राना ने फार्मासिस्ट को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है।
