लखनऊ। आगरा के डॉ. पीके माहेश्वरी के मुताबिक देर रात तक जागना आपको समय से पहले बूढ़ा बना देता है। ऐसे में सही समय पर सोना और जागना दोनों ही जरूरी है। वे रविवार को पीजीआई में आयोजित न्यूरोकॉन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

डॉ. पीके माहेश्वरी ने कहा, सभी प्राणी यहां तक कि पेड़-पौधों में भी 24 घंटे की एक प्रक्रिया चलती है। इससे वे रीचार्ज होते हैं। प्रकृति से हमारे शरीर को ऐसे बनाया है कि हम रात में सोकर दिन में जागते हैं। इस नियम को तोड़ने के नुकसान उठाने पड़ते हैं। पेट, अल्जाइमर और पार्किंसन जैसे रोगों की भी मुख्य वजह देर रात तक जागना हो सकता है।

कैंसर के मामलों में दोबारा ट्यूमर होने की आशंका

सैफई मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन प्रो. फहीम ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के 10 से 15 फीसदी मामलों में कैंसर नहीं होता है। इन मरीजों की सर्जरी के बाद दोबारा कैंसर की आशंका नहीं रहती है। वहीं, कैंसर वाले ट्यूमर में दोबारा ट्यूमर होने की आशंका रहती है।

पार्किंसन के 70 फीसदी मामलों में असरदायक है दवा

उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. रमाकांत यादव के मुताबिक पार्किंसन के 70 फीसदी मामलों में दवाई कारगर होती है। पार्किंसन सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) की बीमारी है। दिमाग में तंत्रिका कोशिका को नुकसान होने से डोपामाइन का स्तर गिर जाता है। इसमें कंपकंपी भी होती है।



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