संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 08 Aug 2024 03:38 AM IST

कासगंज। त्रिस्तरीय गन्ना समितियों के चुनाव का बिगुल बज गया है। नौ साल के अंतराल के बाद चुनाव होंगे। 23 सितंबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। चुनाव की घोषणा होते ही तैयारियां शुरू होने के साथ साथ-साथ किसानों के बीच भी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। किसान राजनीति की धुरी माने जाने वाली गन्ना विकास समितियों के चुनाव वर्ष 2015 में हुए थे। इसके बाद से चुनाव नहीं हुए है। वर्ष 2023 में चुनाव के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया गया था लेकिन तब चुनाव नहीं हो सके थे। चुनाव की प्रक्रिया 20 जून 2023 से शुरू होनी थी। बाद में इस बढ़ाकर 14 जुलाई से कर दिया गया, लेकिन इस तिथि को भी टाल दिया। जिले में न्यौली सहकारी गन्ना समिति के लिए चुनाव होंगे। पहले चरण में डेलीगेट्स के लिए चुनाव होगा। जिले में 21400 गन्ना किसान सदस्य है। इन किसानों की सूची को तैयार किया जा रहा है। 100 से अधिक डेलीगेट्स चुने जाएंगे। ये डेलीगेट्स प्रबंध समिति के नौ डायरेक्टर का चुनाव करेंगे। डायरेक्टर का चुनाव हो जाने के बाद तीसरे चरण में सभापति का चुनाव होगा। गन्ना समितियों की प्रबंध समिति के चुनाव को ग्राम स्तर पर प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन 23 सितंबर कर दिया जाएगा। जिस पर 24 को आपत्तियां दाखिल होंगी। इसके अगले दिन आपत्तियों निस्तारण करते हुए शाम तक अंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन होगा। प्रतिनिधियों (डेलीगेट) के चुनाव के लिए 26 सितंबर को नामांकन दाखिल होंगे। 27 सितंबर को जांच की प्रक्रिया होगी। 30 सितंबर को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 3 अक्टूबर को होगा। इसके बाद प्रबंध समिति के संचालक (डायरेक्टर ) पद के लिए सात अक्टूबर को अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन, आठ अक्टूबर को आपत्ति व नौ अक्टूबर को अंतिम सूची का प्रकाशन होगा। संचालक पद के लिए 10 अक्टूबर को नामांकन, 11 अक्टूबर को जांच, 14 अक्टूबर को नामांकन वापसी होगी। संचालक पद के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। सभापति पद के लिए 17 अक्टूबर को चुनाव संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी करके मतदान एवं मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।
