
अमर उजाला ने सुखराज का किया सम्मान।
– फोटो : amar ujala
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बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार क्षेत्र में तेंदुए के हमले से खुद को बचाने वाले सुखराज को अमर उजाला ने सम्मानित किया। शुक्रवार को 11 वर्ष के सुखराज ने 5 मिनट तक तेंदुए के साथ संघर्ष कर खुद की जान बचाई। उनके जज्बे के आगे तेंदुए को हार कर जाना पड़ा। कम उम्र में सुखराज को बहादुरी व हिम्मत के लिए अमर उजाला के लखनऊ दफ्तर में स्थानीय सम्पादक विजय त्रिपाठी, यूनिट हेड सुशील सिंह समखरिया ने 5100 का नकद पुरस्कार, कपड़े और किताबें देकर सम्मानित किया। सुखराज के दोस्त को भी कपड़े व किताबें दी गईं। सम्मान के समय सुखराज के पिता परमजीत माता परमिला को भी सम्मानित किया।
सुखराज ने बताया हमले के दौरान वह खेतों की रखवाली करने गए थे। तेंदुए ने अकेला देख उन पर हमला कर दिया। जिस वक्त 5 मिनट तक संघर्ष चला। उसी वक्त उनका दोस्त अंजेश कुमार पास के खेत में भैंस चरा रहा था। उसने उस वक्त ईंट फेंककर मारी जिससे ईंट तेंदुए के सिर पर लग गई। जिससे तेंदुआ खेतों की ओर चला गया।
मां ने कहा हमें सुखराज पर गर्व
मां परमिला ने बताया कि उनकी चार बेटी व दो बेटे हैं। तीन बेटियों की शादी हो गई। सु्खराज घर का सबसे छोटा बेटा व दुलारा है। दुलारा है इसलिए उसका पढ़ने में बहुत मन नहीं लगता है। उसकी इस हिम्मत व बहादुरी के लिए हमें उस पर गर्व है। हमले के बाद वह घायल हो गया था। घटना के तुरंत बाद हम बहुत डर गए थे कुछ देर के लिए लगा अब क्या होगा फिर जब अस्पताल ले गए तो इलाज चला और चीजें ठीक होने लगी। पिता परमजीत कहते हैं कि सु्खराज की हिम्मत को सलाम है आज उसकी वजह से हमें अमर उजाला ने सम्मानित किया। हमें सुखराज पर गर्व है। अब सु्खराज को अच्छे स्कूल में बढ़ायेंगे।