
संजय सिंह को करना होगा आत्म समर्पण।
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बिजली कटौती व पानी की समस्या को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन करने के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से सुनाई गई तीन माह की सजा के खिलाफ आप सांसद संजय सिंह व सपा के पूर्व विधायक अनूप संडा समेत छह आरोपियों की अपील मंगलवार को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की एडीजे एकता वर्मा ने खारिज कर दी। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की सजा को बहाल कर आरोपियों को नौ अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट में समर्पण करने का आदेश दिया है। फैसले से सांसद, पूर्व विधायक समेत सभी आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शहर में हो रही बिजली कटौती व पानी की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और सपा के पूर्व विधायक अनूप संडा समेत अन्य लोगों ने 19 जून 2001 को कोतवाली नगर क्षेत्र के गभड़िया ओबरब्रिज के उत्तरी छाेर के पास सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने संजय सिंह व अनूप संडा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 11 जनवरी 2023 को एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सांसद संजय सिंह, पूर्व विधायक अनूप संडा, विजय सेक्रेटरी, कमल श्रीवास्तव, सुभाष चौधरी व संतोष वर्मा को दोषी मानते हुए तीन-तीन माह की कैद व प्रत्येक को डेढ़-डेढ़ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
सांसद व पूर्व विधायक समेत सभी दोषियों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर सजा को चुनौती दी थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए छह अगस्त की तिथि नियत की थी। मंगलवार को अदालत ने सांसद संजय सिंह व पूर्व विधायक अनूप संडा समेत सभी छह आरोपियों की अपील खारिज कर दी। एडीजे ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की सजा बहाल कर सभी आरोपियों को नौ अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट में समर्पण करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट में फैसले को देंगे चुनौती : बचाव पक्ष
सांसद संजय सिंह के अधिवक्ता और पूर्व सपा विधायक अनूप संडा के अधिवक्ता ने कहा कि अदालत ने साक्ष्यों को नजरअंदाज कर अपील खारिज की है। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। वहीं, विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडेय का कहना है कि पत्रावली में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत का फैसला साक्ष्यों के आधार पर है।
