सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों से घुमंतू कुत्तों को हटवाने का आदेश दिया है। ऐसे ही स्थानों पर कुत्ते लोगों को ज्यादा काट रहे हैं। जिला अस्पताल में भी रोजाना करीब 400 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने आ रहे हैं। इनमें बच्चों और वृद्धों की संख्या अधिक है।

जिला अस्पताल के एआरवी प्रभारी डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि एआरवी लगवाने के लिए रोजाना 400 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इसमें से करीब 100 नए मरीज हैं, बाकी के फॉलोअप वाले होते हैं। कुत्ता काटने पर मरीज को चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जिसमें मरीज का एक ही बार पंजीकरण किया जाता है। 80 फीसदी मरीजों में एक जख्म और 20 फीसदी में दो से ज्यादा गहरे जख्म मिल रहे हैं।

ऐसे मरीजों को सीरम लगाया जाता है। सबसे ज्यादा 80 फीसदी कुत्ता काटने के, 15 फीसदी बंदर के काटने और बाकी के चूहा-बिल्ली समेत अन्य के काटने के मरीज हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कुत्ते और बंदर के काटने के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी एआरवी की व्यवस्था की गई है। वहां भी औसतन रोजाना 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं।

कुत्ता काटने पर ये करें

– जख्म को नल के नीचे रखकर साबुन से करीब 10 मिनट तक धोने के बाद एआरवी लगवाएं।

– जख्म पर मिर्च न लगाएं, इससे रक्त संचार तेज होने से संक्रमण की गति बढ़ जाएगी।

– पालतू कुत्ते का टीकाकरण कराएं, सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों से सावधानी बरतें।

 



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