
स्वामी प्रसाद मौर्य।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई पार्टी का एलान करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है समाजवादी पार्टी की केंद्र में और राज्य में सरकार है और वो मुझे लाभ दे रहे हैं। उनके द्वारा ऐसी शेखचिल्ली बघारना उचित नहीं है। मैंने हमेशा पद छोड़ा है। मैंने वैचारिकता को प्राथमिकता दी है। विचारों के सामने पद मायने नहीं रखता है। मैंने बहुजन समाज पार्टी में नेता विरोधी दल रहते हुए पार्टी को छोड़ दिया था। सत्ता में रहते हुए मैंने भारतीय जनता पार्टी को छोड़ दिया था। ओबीसी और जनरल की जगह जब जनरल भर्ती किये जा रहे थे तब मैंने भाजपा को छोड़ा था। स्वामी प्रसाद अखिलेश यादव के उस बयान पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि लोग लाभ लेने आते हैं और फिर चले जाते हैं।
स्वामी प्रसाद ने कहा कि अखिलेश यादव को बहुत बड़ी गलतफहमी है कि वह विपक्ष में रहकर लाभ दे रहे हैं। रही बात उनके पद की और सम्मान (विधान परिषद सदस्य) की तो उसको भी जल्द छोड़ दूंगा। समाजवादी पार्टी में शेखचिल्ली कौन है के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो बड़बोला होगा वहीं शेखचिल्ली होगा।
#WATCH | Lucknow, UP: On SP chief Akhilesh Yadav’s statement, party leader Swami Prasad Maurya says, “… He is not in power in the state or the centre. He is not in a condition to give anything. And I will return everything he has given to me till now. Ideology is important to… pic.twitter.com/IYaJ6qFi8k
— ANI (@ANI) February 19, 2024
सपा नेता रामगोपाल यादव पर भी बरसे
इस दौरान वह सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा में न तो सम्मान है और न बातचीत का सलीका और तरीका आता है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के हितेषी हैं या दुश्मन हैं उन्हें कोई अभी तक समझ ही नहीं पाया। नई पार्टी के गठन पर उन्होंने कहा कि मैं 22 तारीख को दिल्ली में रहूंगा। वहीं, पर बैठक के बाद निर्णय लूंगा। वहीं, कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि अगर अवसर मिलेगा तो जरूर शामिल होऊंगा।
85 और 15 की लड़ाई जारी रहेगी
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह दलितों और पिछड़ों की लड़ाई हमेशा ही लड़ते रहेंगे। अखिलेश यादव ने 85 और 15 का विरोध तभी कर दिया था जब सुल्तानपुर में परशुराम की मूर्ति लगाकर फरसा लहराया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सॉफ्ट हिंदुत्व पैदा करना चाहते हैं। वो सॉफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर चल रहे हैं । वह खुद को सॉफ्ट हिन्दू दिखाने में व्यस्त हैं। उन्होंने भाजपा में जाने के सवाल पर कहा कि किसानों ,महिलाओं और मजलूमों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। स्वामी प्रसाद मौर्य जिसको ठुकरा देता है उससे कभी दोस्ती नहीं करता है।
कांग्रेस नेता बोले, ये सपा का अंदरूनी मामला है
समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘ये समाजवादी पार्टी का अंदरूनी मामला है कि उनके यहां कौन रहता है, कौन जाता है और कौन अपनी पार्टी बनाता है। इससे कांग्रेस पार्टी का कुछ लेना-देना नहीं है।’
#WATCH दिल्ली: समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, “ये समाजवादी पार्टी का अंदरूनी मामला है कि उनके यहां कौन रहता है, कौन जाता है और कौन अपनी पार्टी बनाता है। इससे कांग्रेस पार्टी का कुछ लेना-देना नहीं है।” https://t.co/aHV3qzXXm3 pic.twitter.com/nDxJOD1Cxb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 19, 2024
