
Arvind Kejriwal
– फोटो : Amar Ujala
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जेल से छूटने के बाद चुनाव प्रचार के लिए लखनऊ आना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए गले की फांस बन गया। बुधवार रात अमौसी एयरपोर्ट पर उतरे केजरीवाल के साथ उनके पूर्व निजी सचिव बिभव कुमार भी देखे गए थे। एयरपोर्ट पर बिभव के साथ केजरीवाल का वीडियो और फोटो देखते ही देखते वायरल हो गए। भाजपा ने इसे मुद्दा बना लिया और केजरीवाल को बैकफुट पर आना पड़ा।
अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपों के बाद केजरीवाल ने बिभव को निजी सचिव पद से हटा दिया था। इसके बाद भी बिभव का लगातार उनके साथ बने रहना तमाम सवाल खड़े करता है, जिसके जवाब न तो केजरीवाल के पास हैं और न ही उनके सांसद संजय सिंह के पास।
यही वजह रही कि गुरुवार को अखिलेश यादव के साथ केजरीवाल की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस विवादों की भेंट चढ़ गई। बिभव कुमार और स्वाती मालीवाल से जुड़े सवालों पर केजरीवाल असहज हो गए और उन्होंने चुप्पी साध ली। सवाल शांत होते न देख अखिलेश ने मुद्दा पलटने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। संजय सिंह ने भी मोर्चा संभाला और इस प्रकरण का ठीकरा भी भाजपा के सिर फोड़ने का आरोप लगाया, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस आनन-फानन खत्म करनी पड़ी।
इसके बाद भी बिभव प्रकरण ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। भाजपा ने एयरपोर्ट पर दोनों की फोटो पर सवाल खड़े करते हुए सीधे-सीधे आरोप लगाए कि अपनी ही पार्टी की सांसद के साथ की गई मारपीट में केजरीवाल की सहमति थी। मामला तूल पकड़ने के बाद गुरुवार देर रात स्वाती मालीवाल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करा दी। बिभव कुमार को फरार होना पड़ा गया। पांच टीमें उनकी तलाश में छापे मार रही हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक इस मामले में आप को दिल्ली सहित अन्य राज्यों में खासा नुकसान हो सकता है। वहीं इंडी गठबंधन भी पूरे मामले पर खामोश है।
