आगरा में शनिवार को ताजमहल पर टिकटों की बिक्री 27 हजार के आसपास रही, लेकिन पश्चिमी गेट पार्किंग पूरे दिन फुल बनी रही, जिससे सैलानियों को अपने वाहनों की पार्किंग अमरूद टीला से चंद्रशेखर आजाद पार्क तक लगानी पड़ीं। इससे आधी सड़क पर वाहनों के खड़े होने से जाम लग गया। ऐसे में ताज देखने आए सैलानियों को एक किमी. तक पैदल चलना पड़ा।
ताजमहल पश्चिमी गेट स्थित अमरूद टीला पार्किंग सुबह 11 बजे ही भर चुकी थी। पार्किंग में जगह न मिलने पर गाइड और लपकों के बहकावे में आकर सैलानियों ने सड़क पर ही वाहन खड़े करने शुरू कर दिए। यह स्थिति केवल पश्चिमी गेट पर ही रही। पूर्वी गेट पर काफी कम सैलानी पहुंचे। पीए सिस्टम होने के बाद भी पश्चिमी गेट से भीड़ का दबाव खत्म नहीं किया गया। बच्चों के साथ आए सैलानियों की मुसीबतें ज्यादा रहीं। श्मशान घाट चौराहे से अमरूद टीला पार्किंग तक उन्हें पैदल जाना पड़ा।
नेटवर्क न मिलने से काउंटर पर मची मारामारी
मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण ताजमहल आने वाले सैलानी ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग नहीं कर पाए। इससे टिकटों के ऑफ लाइन काउंटरों पर भीड़ बढ़ गई। सर्वर डाउन होने और नेटवर्क न मिलने के कारण सैकड़ों पर्यटकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई पर्यटकों ने इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। टिकट काउंटर से पर्यटकों को टिकट खरीदने में एक घंटे तक का समय लग गया।
शनिवार को कुल 27,455 पर्यटकों ने टिकट खरीदकर स्मारक में प्रवेश किया। भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि पर्यटकों को प्रवेश के लिए घंटों लंबी कतारों में जूझना पड़ा। पूर्वी और पश्चिमी दोनों गेटों पर लंबी लाइनें लग गईं। सुरक्षा के मद्देनजर सीआईएसएफ के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ताज पर भारतीय 24,160, विदेशी 2,598, सार्क 687 और बिम्सटेक देश के कुल 10 सैलानी पहुंचे।
