नववर्ष के मौके पर विश्व प्रसिद्ध ताजमहल एक बार फिर अपने पूर्ण सौंदर्य के साथ पर्यटकों को आकर्षित करेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ताजमहल के मुख्य गुंबद पर आठ महीनों से लगी पाड़ (स्केफोल्डिंग) को हटा दिया है। पानी के रिसाव को रोकने के लिए अप्रैल माह में शुरू हुआ संरक्षण कार्य अब पूरा कर लिया गया है।

एएसआई अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष हुई असामान्य और लगातार बारिश के बाद मुख्य गुंबद के पिनेकल (कलश) के आसपास से पानी के रिसाव की शिकायत सामने आई थी। यह रिसाव संगमरमर की सतह और अंदरूनी संरचना के लिए खतरा बन सकता था। 

शिकायत के बाद एएसआई ने विशेषज्ञ इंजीनियरों और संरक्षण विशेषज्ञों की टीम से तकनीकी जांच कराई, जिसके बाद मरम्मत एवं संरक्षण कार्य को मंजूरी दी गई। वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा गया। काम पूरा होने के बाद गुणवत्ता जांच और अंतिम निरीक्षण के उपरांत पाड़ हटाने का निर्णय लिया गया।

 



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