विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के मुख्य गुंबद पर पिछले छह महीनों से लगी स्कैफोल्डिंग (पाड़) क्रिसमस से पहले हटा दी जाएगी। इसके हटते ही ताजमहल अपने पुराने और मूल स्वरूप में पर्यटकों को दिखाई देगा। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए यह बड़ी सौगात होगी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने बताया कि बीते वर्ष हुई अधिक बारिश के कारण ताजमहल के गुंबद पर स्थित कलश के पास से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। इससे संगमरमर को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई थी। इसके बाद विशेषज्ञों की सलाह पर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। मरम्मत का काम मई 2025 में प्रारंभ हुआ था, जिस पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए गए। इस दौरान गुंबद की सुरक्षा और काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए स्कैफोल्डिंग लगाई गई थी। अब मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है और तय समय सीमा में पाड़ हटाने की तैयारी है।
ताजमहल के संरक्षण के लिए समय-समय पर मरम्मत और संरक्षण कार्य किए जाते रहे हैं। इससे पहले भी गुंबद, संगमरमर की सतह और जल निकासी व्यवस्था पर काम किया जा चुका है। वहीं, पर्यटकों का कहना है कि स्कैफोल्डिंग की वजह से गुंबद की सुंदरता पूरी तरह नजर नहीं आ रही थी और तस्वीरें भी प्रभावित हो रही थीं। पाड़ हटने के बाद ताजमहल फिर से अपनी संपूर्ण भव्यता में दिखाई देगा।
