पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि किशोरी ने रात में ही खाना खा लिया था और सुबह पांच बजे शौच के लिए निकली थी। ऐसे में पुलिस की शक की सुई करीबियों की तरफ ही घूम रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को दिए बयान भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं।
साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अलग कहानी बयां कर रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने बताया कि किशोरी मानसिक रूप से कमजोर थी। इसलिए वह पढ़ाई नहीं करती थी और ना ही उसके पास कोई मोबाइल फोन था।
हत्या में इस्तेमाल हथियार को पास ही पानी में फेंकने की आशंका
जिस जगह पर शव मिला, वहां पर खाली जमीन है, इसके कुछ हिस्से में पानी भरा है। इसके किनारे ही किशोरी मृत पड़ी मिली। घटनास्थल पर आने-जाने के लिए आम रास्ता भी नहीं है। घटनास्थल के थोड़ी दूर पर पानी भरा हुआ है। पुलिस को शक है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी इसी में फेंका गया होगा।
गांव के दो युवकों ने दी थी शव मिलने की जानकारी
परिजन ने पुलिस को बताया कि बेटी रात में खाना खाकर घर में सोई थी। सुबह करीब पांच बजे वह शौच के लिए निकली और फिर वापस घर नहीं लौटी। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। इतने में गांव के दो युवकों ने किशोरी के बारे में बताया कि वह अनिल पांडेय की बाउंड्री के अंदर मृत पड़ी है। जाकर देखा तो बेटी का किसी ने गला रेतकर हत्या करने के बाद फेंक दिया था।




