{“_id”:”66e0a5fd54f65e3f6d09c964″,”slug”:”ten-schools-will-become-laboratories-for-deled-trainees-orai-news-c-224-1-ka11004-119556-2024-09-11″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए प्रयोगशाला बनेंगे दस स्कूल”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में अध्ययनरत डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए डायट के नजदीक वाले दस स्कूलों को प्रयोगशाला के रूप में चुना गया है। यह सभी स्कूल डायट परिसर से दस किलोमीटर की परिधि में आते हैं। हर स्कूल में एक-एक डायट प्रवक्ता की भी ड्यूटी लगाई गई है, जो स्कूल की रिपोर्ट डायट प्राचार्य को देंगे। संतोषजनक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ही उन्हें परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
दरअसल नई शिक्षा नीति में नया सीखने पर जोर दिया जा रहा है। पहले डीएलएड प्रशिक्षुओं को किसी भी स्कूल में भेज दिया जाता था। कई बार प्रशिक्षु उन स्कूलों में प्रशिक्षण के लिए नहीं पहुंचते थे। जिसकी वजह से उन्हें विषय का ज्ञान ही नहीं हो पाता था। जबकि उनके करियर की शुरूआत ही होती थी कि बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए। बिना प्रशिक्षण के उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो पाती थी।
अब प्रशिक्षण के प्रत्येक सेमेस्टर में एक माह के लिए इंटर्नशिप प्रयोगशाला स्कूल में गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण विश्वनाथ दुबे का कहना है कि प्रयोगशाला स्कूल का चयन करने का उद्देश्य डीएलएड प्रशिक्षुओं की ओर से छात्रों के लिए उनके स्तर के अनुसार शिक्षण अधिगम की योजना बनाना है। साथ ही रुचिपूर्ण गतिविधियों ओर खेल विधि द्वारा छात्रों को पढ़ाने की विधि विकसित करना है। टीएलएम (टीचर ट्रेनिंग मैटेरियल) का निर्माण कर कक्षा शिक्षण का प्रयोग करना है।
आदर्श स्कूल के रूप में विकसित होंगे दस विद्यालय
बीएसए चंद्रप्रकाश ने बताया कि प्राइमरी स्कूल पिंडारी प्रथम, उच्च प्राथमिक विद्यालय पिंडारी, प्राइमरी स्कूल द्वितीय, उच्च प्राथमिक विद्यालय चंदुर्रा, प्राइमरी स्कूल बिलायां, उच्च प्राथमिक विद्यालय पिरौना, प्राइमरी स्कूल बिरगुआ खुर्द, उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट पिरौना, प्राइमरी स्कूल एट प्रथम, प्राइमरी स्कूल एट द्वितीय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एट को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। डायट प्रशिक्षुओं से कहा गया है कि इन स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रुप में विकसित करें।
वर्जन
डायट की अवधि के दस किलोमीटर की परिधि वाले दस विद्यालयों को प्रयोगशाला विद्यालय के रूप में चयनित किया गया है। इन विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाकर 28 फरवरी तक निपुण बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण से पूर्व संबंधित स्कूल की मौजूदा बेस लाइन की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और प्रशिक्षण के बाद फिर से रिपोर्ट तैयार होगी। -राजकुमार पंडित, डीआईओएस व प्रभारी प्राचार्य डायट
