{“_id”:”66e1ee4d92f4d5b676069164″,”slug”:”ten-years-imprisonment-to-four-accused-of-firing-on-police-team-orai-news-c-224-1-ka11004-119578-2024-09-12″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: पुलिस टीम पर फायरिंग के चार दोषियों को दस साल की सजा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। पुलिस मुठभेड़ के मामले में दोष सिद्ध होने पर डकैती कोर्ट के न्यायाधीश ने चारों दोषियों को दस दस साल कैद की सजा सुनाई। चारों दोषियों पर 55-55 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 28 नवंबर 2012 को शहर के कालपी रोड स्थित जायसवाल टावर होटल के बगल में बने एटीएम से कुछ लोग रुपये निकालकर गाड़ी में बैठ रहे थे। तभी पुलिस फोर्स के साथ गश्त कर रहे तत्कालीन कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह की नजर उन लोगों पर पड़ी। उन्होंने उन्हें टोका तो वह गाड़ी में बैठकर भागने लगे। पुलिस पार्टी ने पीछा किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग के बाद घेराबंदी करते हुए बाईपास चौराहे के पास से पांचों आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपना नाम धर्मेंद्र उर्फ रानू, योगेंद्र, विजय, राजा व उदयवीर बताया। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचा, चाकू समेत लूट के जेवर व नकदी बरामद की। उन्होंने बताया कि जालौन में चंदा भास्कर के यहां मां-बेटे की हत्या कर जेवर रुपये व एक एटीएम लूट कर आए थे। लूटे गए एटीएम से रुपये निकालकर भागना चाह रहे थे। पुलिस ने पांचों को जेल भेज दिया। 23 जनवरी 2013 को पांचों के खिलाफ डकैती कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। ट्रायल के दौरान राजा की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शेष बचे चार आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा था। इससे बुधवार को सुनवाई पूरी हुई।
स्पेशल जज डकैती कोर्ट डॉ. अवनीश कुमार ने धमेंद्र, योगेंद्र, विजय व उदयवीर को दोषी पाते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 55-55 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर चार चार साल की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
