
यूपी के बहराइच में भेड़िए की दहशत।
– फोटो : अमर उजाला।
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भेड़ियों की दहशत…। भयभीत करने वाली काली रात…। सन्नाटे को चीरती जागते रहो पहरे की आवाज और बेहतर बिजली सप्लाई के वादों के बीच गांवों में घुप्प अंधेरा। यही हाल है भेड़ियों के हमलों से प्रभावित अधिकतर गांवों का। अमर उजाला टीम की पड़ताल में महसी ग्राम पंचायत की कहानी भी यही रही।
स्थानीय निवासी रामचंदर ने बताया कि साहब… फूस का घर है और दरवाजे की जगह पर टटिया लगी है। मैं भेड़िये से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ रखवाली करता हूं। रात में किसानों के साथ खेत भी जाता हूं। इस दौरान टटिया तोड़कर भेड़िये के भीतर घुसने का खतरा रहता है। इस कारण पत्नी व बच्चों को पड़ोसी के छत पर सुलाता हूं…।
बिजली रहती नहीं, वन टीम सिर्फ एनाउंस तक सीमित
महसी निवासी अमृत लाल, सुशील, रामगोपाल ने बताया कि गांव में वन व राजस्व टीम नहीं आती है। एनाउंस करने वाले आते हैं। एक-दो बार ड्रोन उड़ाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि दरवाजे, सोलर लाइट अभी नहीं लगी है। खूब बिजली कटौती हो रही है।
मचान बनाकर निगरानी करते मिले ग्रामीण
जगीर गांव में घुसते ही एक मचान बनी दिखी, जिसपर अलियार बैठे नजर आए। उन्होंने बताया कि भाला लेकर ग्रामीणों के साथ मचान पर बैठते हैं, ताकि भेड़िये की दस्तक पर तत्काल ग्रामीणों को सूचना दे सकें। पास में मौजूद उनके साथियों इदरीश, विशाल, कृपा, सहादत ने बताया कि सभी लगातार पहरा देते हैं। फसलों की निगरानी भी करते हैं, क्योंकि जिंदगी के लिए अन्न भी जरूरी है।
